Indian flights safety : भारतीय विमानन क्षेत्र में तकनीकी समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में निरीक्षण किए गए विमानों में लगभग आधे विमानों में बार-बार सामने आने वाली खामियाँ पाई गई हैं। छह प्रमुख एयरलाइनों के कुल 754 विमानों की जाँच की गई, जिनमें से 377 विमानों में दोहराई जाने वाली तकनीकी समस्याएँ सामने आईं।
टाटा समूह की स्वामित्व वाली Air India की स्थिति को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है। एयर इंडिया के 166 विमानों में से 137 विमान (करीब 82 प्रतिशत) इस सूची में शामिल पाए गए। हालांकि, कंपनी का कहना है कि ये खामियाँ उड़ान सुरक्षा से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि सीटों, ट्रे टेबल्स और इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसी सुविधाओं से संबंधित ‘कैटेगरी डी’ समस्याएँ हैं।
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हाल ही में लंदन से बेंगलुरु जा रही एक उड़ान में ईंधन स्विच से जुड़ी ( Indian flights safety) समस्या सामने आने के बाद, एयर इंडिया ने अपने पूरे ड्रीमलाइनर बेड़े की गहन जाँच शुरू कर दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo भी इन समस्याओं से अछूती नहीं है। इंडिगो के 405 विमानों का ऑडिट किया गया, जिसमें 148 विमानों में बार-बार होने वाली तकनीकी खामियाँ पाई गईं। इसके अलावा अकासा एयर और स्पाइसजेट की उड़ानों में भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आई हैं।
लगातार सामने आ रही इन खामियों को देखते हुए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने निगरानी और सख्त कर दी है। बीते वर्ष DGCA ने 3,890 सर्विलांस निरीक्षण और 550 रात के समय अचानक जाँच अभियान चलाए। साथ ही, विमानन सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए तकनीकी पदों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
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