अहमदाबाद | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौता किया गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह समझौता विशेष रूप से गुजरात के उद्योगों के लिए विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते (India-US trade Agreement) के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए कड़े टैरिफ को लगभग 50 प्रतिशत से घटाकर करीब 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की कीमतें अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी और उनकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गुजरात बना देश का सबसे बड़ा निर्यातक राज्य
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात आज भारत का सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। राज्य में टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद है। इस व्यापार समझौते से इन सभी क्षेत्रों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
इस समझौते का सबसे अधिक लाभ टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग को मिलने की संभावना है। टैरिफ में कमी के चलते गुजरात के गारमेंट और होम टेक्सटाइल उत्पाद अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसके परिणामस्वरूप मध्यम अवधि में टेक्सटाइल निर्यात में 100 से 150 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। इससे राज्य के प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों में उत्पादन बढ़ेगा और अमेरिका से नए ऑर्डर मिलेंगे।
सूरत के हीरा उद्योग के लिए नई उम्मीद
यह समझौता विशेष रूप से सूरत के लिए राहत और नई उम्मीद लेकर आया है। दुनिया के सबसे बड़े डायमंड पॉलिशिंग हब के रूप में पहचाने जाने वाले सूरत के हीरा उद्योग को टैरिफ में कटौती से बड़ा फायदा होगा। इससे उद्योग का मार्जिन सुधरेगा, मांग में तेजी आएगी और अमेरिकी बाजार में पकड़ मजबूत होगी।
फार्मा और केमिकल क्लस्टरों को मिलेगी नई रफ्तार
भरूच, वापी और अहमदाबाद स्थित केमिकल और फार्मास्युटिकल क्लस्टरों को भी इस व्यापार समझौते से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले इन क्षेत्रों के निर्यात में 25–30 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई थी, अब इसमें सुधार आने की संभावना है। कई फार्मा उत्पादों को शून्य या कम शुल्क का लाभ मिलने से अमेरिका जैसे रेगुलेटेड बाजार में गुजरात की स्थिति मजबूत होगी।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मिलेगा प्रोत्साहन
रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में, खासकर सोलर मैन्युफैक्चरिंग को इस समझौते से नया बल मिलेगा। सोलर पैनल और उनके कंपोनेंट्स का उत्पादन बढ़ेगा और अमेरिका को निर्यात अब अधिक लाभकारी होगा, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में गुजरात की भूमिका और मजबूत बनेगी।
हस्तशिल्प, एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को भी अमेरिकी बाजार में आसान पहुंच मिलेगी। निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि से एमएसएमई इकाइयों, फैक्ट्रियों, लॉजिस्टिक्स और सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अन्य पढ़े: Delhi- लोकसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही करनी पड़ी स्थगित
गुजरात के औद्योगिक विकास के लिए ‘बूस्टर डोज़’
कुल मिलाकर, भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता गुजरात के औद्योगिक विकास के लिए एक ‘बूस्टर डोज़’ साबित होगा। टैरिफ में कटौती और व्यापारिक सुगमता से उत्पादन बढ़ेगा, एमएसएमई सशक्त होंगे और गुजरात वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।
Read More :