नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश (Jay Ram Ramesh) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि बिहार में नेतृत्व का तख्तापलट हुआ है, जो जनता के जनादेश का धोखा है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की पुष्टि की है। एक्स पर पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बिहार चुनाव प्रचार में जो बार-बार कह रही थी, वह अब सच हो गया है। जी2 द्वारा रची गई साजिश के तहत नेतृत्व तख्तापलट और सत्ता परिवर्तन हुआ है।
राज्यसभा जाने की पुष्टि
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की पुष्टि की है और मौजूदा चुनाव चक्र में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 75 साल के नीतीश कुमार ने कहा कि नए मंत्रिमंडल को उनका पूरा समर्थन होगा। नीतीश ने एक्स पर पोस्ट किया कि इस बार हो रहे चुनावों में मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी आपके साथ मेरा संबंध बना रहेगा और विकसित बिहार के निर्माण के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प अटल रहेगा। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
2025 में मिली थी बड़ी जीत
यह घटना नीतीश कुमार की 2025 में पांचवीं जीत के बाद घटी है, जब एनडीए ने राज्य में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया और उन्होंने दसवीं बार सीएम पद की शपथ ली। वे बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं।
उतार-चढ़ाव भरा रहा राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने जनता दल के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया और 1985 में विधायक बने। इसके बाद नीतीश और जॉर्ज फर्नांडीस ने 1994 में समता पार्टी का गठन किया। 1996 में वे लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। 2005 में एनडीए ने बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में बहुमत हासिल किया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।
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कई बार बदले राजनीतिक समीकरण
2010 के राज्य चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन ने भारी बहुमत से सत्ता संभाली। जून 2013 में नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाई। 2014 में उनकी जगह जीतन राम मांझी ने ली, लेकिन 2015 में वे फिर से मुख्यमंत्री बने और उसी साल महागठबंधन को जीत दिलाई। 2017 में नीतीश ने आरजेडी से नाता तोड़कर एनडीए में वापसी की और 2020 के राज्य चुनावों में बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया। अगस्त 2022 में उन्होंने एनडीए छोड़ दी और महागठबंधन में फिर से शामिल हो गए। जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने एक बार फिर महागठबंधन छोड़ दिया और एनडीए में लौट आए। इसके बाद 2025 के चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल कर उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री पद संभाला और अब राज्यसभा जाने की ओर कदम बढ़ा दिया है।
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