नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह है खाने का मसला। बुधवार, 30 जुलाई 2025 को जेएनयू के माही-मांडवी छात्रावास में शाकाहारी (वेज) और मांसाहारी (नॉन वेज) खाने को लेकर दो छात्र संगठनों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस घटना में कई छात्र घायल बताए जा रहे हैं, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल है।
खबर के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों ने मांग की कि छात्रावास के मेस में नॉन वेज भोजन की सेवा बंद की जाए। उनका तर्क था कि कुछ छात्रों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। दूसरी ओर, जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने इसे छात्रों की व्यक्तिगत पसंद पर हमला करार देते हुए इसका विरोध किया। JNUSU का कहना है कि मेस में वेज और नॉन वेज दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, और हर छात्र को अपनी पसंद चुनने का अधिकार है।

झड़प के दौरान ABVP ने आरोप लगाया कि वामपंथी संगठनों ने उनके विरोध का जवाब हिंसा से दिया, जिसमें पत्थरबाजी और मारपीट हुई। वहीं, JNUSU ने दावा किया कि ABVP ने मेस कर्मचारियों और छात्रों पर हमला किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें छात्रों के बीच झड़प और नारेबाजी देखी जा सकती है। जेएनयू प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है और जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेस में खाने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है, और यह छात्र समिति द्वारा संचालित होता है। हालांकि, यह विवाद जेएनयू की समावेशी छवि पर सवाल उठा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में जेएनयू में इस तरह के विवाद बार-बार सामने आए हैं, जिसमें राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दे शामिल रहे हैं। अब देखना यह है कि इस बार प्रशासन इस मसले को कैसे सुलझाता है।
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