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kaleshwaram project : राज्यसभा में कालेश्वरम पर हंगामा

Author Icon By Sai Kiran
Updated: April 3, 2026 • 10:16 AM
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kaleshwaram project : कालेश्वरम परियोजना को लेकर राज्यसभा में तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और बीआरएस सांसद सुरेश रेड्डी के बीच तीखा विवाद हुआ। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की टिप्पणियों पर सुरेश रेड्डी ने कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें वापस लेने की मांग की, जिसके बाद सदन में कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया।

किशन रेड्डी ने बीआरएस सरकार पर लगाए आरोप

सुरेश रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जी किशन रेड्डी ने कालेश्वरम परियोजना को लेकर बीआरएस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेडिगड्डा बैराज के खराब होने के लिए बीआरएस सरकार जिम्मेदार है और विशेषज्ञ समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में यही बात कही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के परिवार ने इस परियोजना को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया। किशन रेड्डी ने कहा कि इंजीनियरों से उचित सलाह लिए बिना ही इस परियोजना की शुरुआत की गई और इसमें जनता के धन का दुरुपयोग हुआ।

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सुरेश रेड्डी का पलटवार

इसके जवाब में सुरेश रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना (kaleshwaram project) राज्य के गठन में के. चंद्रशेखर राव का संघर्ष बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना की अनुमति के बिना कुछ मंडलों को आंध्र प्रदेश में मिला दिया गया। उन्होंने कहा कि सात मंडलों के विलय के समय पर्याप्त चर्चा नहीं हुई थी। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि पिछले बारह वर्षों में तेलंगाना को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। सुरेश रेड्डी ने मांग की कि राज्य विभाजन अधिनियम के तहत तेलंगाना को दिए गए सभी वादों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

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