Kota : दुनिया के सबसे छोटे योग गुरु: प्रत्यक्ष विजय

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Pratyaksh
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केवल 4 साल की उम्र में योग की शुरुआत

प्रत्यक्ष (Pratyaksh) विजय ने मात्र 4 वर्ष की उम्र में योग (yog) का अभ्यास शुरू किया। उनके माता-पिता स्वयं योग शिक्षक हैं, और बचपन से ही उन्होंने अपने बेटे को इस पवित्र कला से परिचित कराया।

माता-पिता से मिली प्रेरणा और प्रशिक्षण

योग का पहला पाठ प्रत्यक्ष ने अपने माता-पिता से ही सीखा। उनके घर का वातावरण आध्यात्मिक और अनुशासित है, जिसने उन्हें इतनी कम उम्र में भी योग के प्रति गहरी समझ दी।

कोटा के प्रत्यक्ष Pratyaksh विजय दुनिया के सबसे छोटे योग गुरु हैं। प्रत्यक्ष Pratyaksh ने अपने माता-पिता की प्रेरणा से 4 साल की उम्र में योग करना शुरू किया। वह 60 से 70 जटिल योगासनों को आसानी से कर लेते हैं। 6 साल की उम्र में उन्हें यह उपाधि दी गई है।

अपनी इस असाधारण प्रतिभा के लिए प्रत्यक्ष को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। उनके नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल योगा बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज हैं।

प्रत्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यूट्यूब के माध्यम से लोगों को 21 दिन का नि:शुल्क योग प्रशिक्षण देते हैं। प्रत्यक्ष विजय की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सफलता पाने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती।

दुनिया के सबसे छोटे योग गुरु प्रत्यक्ष विजय की कहानी…

चार साल की उम्र में योग से हुई दोस्ती

7 वर्षीय योग गुरु प्रत्यक्ष विजय ने बताया कि उन्होंने 4 साल की उम्र में अपने माता-पिता को योग करते देख प्रेरणा ली। उनकी मां दीक्षा विजय, जो आयुष मंत्रालय से सर्टिफाइड योगा टीचर हैं, प्रतिदिन उन्हें योग की ट्रेनिंग देती थीं। प्रत्यक्ष अपनी मां के साथ योग शिविरों में जाकर लोगों को योग सिखाते हैं। उनके पिता गौरव विजय सीए के स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं।

छोटे गुरु के बड़े आसन

प्रत्यक्ष प्रतिदिन 60 से 70 योग आसनों का अभ्यास करते हैं। इनमें ताड़ासन, वृक्षासन, उत्कटासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, भुजंगासन, शवासन, धनुरासन, वज्रासन, पश्चिमोत्तानासन, सर्वांगासन, हलासन, मत्स्यासन, उष्ट्रासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन, सिद्धासन, पद्मासन, सुप्त वज्रासन, नटराजासन, वीरभद्रासन, त्रिकोणासन, परिवृत्त त्रिकोणासन, प्रसारित पादोत्तानासन, बालासन, सर्वांगासन, हनुमानासन, अंजनेयासन, मांजर्यासन, बितिलासन और सुखासन शामिल हैं। वह ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों और बड़ों को भी ट्रेनिंग देते हैं।

पिता ने कहा- कड़ी मेहनत का नतीजा

प्रत्यक्ष के पिता गौरव विजय ने बताया कि प्रत्यक्ष ने सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड के लिए कड़ी मेहनत की है। 4 साल की उम्र से वह योग सीखने लग गया था। 5 साल की उम्र में योग सिखाने लग गया था। प्रत्यक्ष की मां दीक्षा आयुष मंत्रालय से सर्टिफाइड योगा टीचर भी हैं और उन्हीं से प्रेरित होकर प्रत्यक्ष ने योग शुरू किया था।

प्रधानमंत्री के साथ योग करने का सपना

प्रत्यक्ष के पिता ने बताया कि एक दिन टीवी पर योग कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे और योग को आगे बढ़ाने की बात कर रहे थे। तभी से प्रत्यक्ष के मन में यह सपना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योग का अभ्यास करें।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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