Latest Hindi News : असम में लव जिहाद और बहुविवाह रोकने के लिए कानून बनेगा: सीएम सरमा

By Anuj Kumar | Updated: October 23, 2025 • 12:54 PM

गुवाहाटी,। असम में लव जिहाद (Love Jihad) पर लगाम लगाने के लिए कानून तैयार किया जा रहा है साथ ही बहु विवाह जैसी परंपराओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र (Assembly Session) में बिल लाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री सरमा का बयान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) की सरकार अगले सत्र में इन दोनों पर विधेयक पेश करने जा रही है। सीएम सरमा ने बताया, अगला विधानसभा सत्र ऐतिहासिक होगा क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। बहुविवाह और लव जिहाद पर प्रतिबंध के साथ-साथ हमारे सत्रों का संरक्षण, चाय बागानों के श्रमिकों को भूमि अधिकार देने सहित अन्य विधेयक शामिल हैं।

सत्र संरक्षण के लिए आयोग का गठन

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया, इस विधेयक के तहत एक आयोग स्थापित किया जाएगा, जो सत्र भूमि को अतिक्रमण और विवादों से बचाएगा, पारदर्शी शासन के माध्यम से और विरासत पर्यटन व सत्र कला के माध्यम से सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल संग्रह

विधेयक के अनुसार आयोग के तहत सत्रों की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल संग्रह के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा, जिसमें भूमि, कलाकृतियां और पांडुलिपियों का विवरण होगा, जिससे वैश्विक स्तर पर उनकी पहुंच और संरक्षण सुनिश्चित होगा।

असम के चाय बागानों के श्रमिकों के भूमि अधिकार

उन्होंने आगे कहा, अगले विधानसभा सत्र में हम लव जिहाद, बहुविवाह और सत्र संरक्षण के खिलाफ कई नए विधेयक लाएंगे। चाय बागानों के श्रमिकों के भूमि अधिकारों पर चर्चा के साथ ही और भी कई विधेयक पेश किए जाएंगे।

असम सत्र संरक्षण और विकास बोर्ड विधेयक, 2025

असम कैबिनेट ने पहले ही असम सत्र संरक्षण और विकास बोर्ड विधेयक, 2025 को मंजूरी दी है। यह एक निकाय होगा, जिसका उद्देश्य सत्रों और उनके भूमि-संपत्ति का संरक्षण, प्रबंधन, रखरखाव और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

सत्र वैष्णव मठों का महत्व और आयोग संरचना

असम के सत्र वैष्णव मठ धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनकी स्थापना 16वीं सदी में हुई थी। आयोग का अध्यक्ष हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे। सदस्य सचिव भूमि अधिग्रहण और सुधार निदेशक, असम होंगे। इसके अलावा, दो सदस्य राज्य सरकार द्वारा नामांकित सत्र संस्थानों के प्रतिनिधि होंगे और एक सदस्य भूमि प्रशासन में अनुभवी सेवानिवृत्त सिविल सेवा अधिकारी (सचिव स्तर या उससे ऊपर) होगा

हेमंत बिस्वास शर्मा कौन हैं?

इसे सुनेंहिमंत बिस्वा सरमा (जन्म 1 फरवरी 1969) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और वकील हैं जो 2021 से असम के 15वें और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

असम में सरमा की जाति क्या है?

इसे सुनेंशर्मा एक हिंदू ब्राह्मण उपनाम है। संस्कृत मूल शब्द ṣárman- (उपनाम सरमा) का अर्थ ‘आनंद’, ‘आराम’, ‘खुशी’ हो सकता है। सरमा और सरमाह इस नाम की वैकल्पिक अंग्रेज़ी वर्तनी हैं, जो आमतौर पर असमिया ब्राह्मणों द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं।

Read More :

# Digital Collections News #Assam news #Assembly Session News #Breaking News in Hindi #Chief Minister Himant Biswa Sharma News #CM news #Hindi News #Latest news #Love Jihad News