अलीगढ़ में इस समय सास दामाद की लव स्टोरी काफी चर्चाओं में है. हर कोई इसी मामले के बारे में पढ़ना चाह रहा है. अब सास ने अपनी फ्यूचर प्लानिंग बताई है।
घर की शांति से भागकर, एक नई ज़िंदगी की ओर
इस चौंकाने वाली घटना में एक महिला ने अपनी बेटी के मंगेतर यानी दामाद के साथ भागने का फैसला कर लिया। दोनों के बीच नज़दीकियाँ कब रिश्ते की सीमाओं को लांघ गईं, ये किसी को पता ही नहीं चला।
तलाक होगा या नहीं? – सास ने तोड़ी चुप्पी
मैं अब पीछे नहीं हटूंगी,” बोली महिला
महिला ने साफ़ कहा कि अब वह पीछे नहीं हटेगी, चाहे समाज कुछ भी कहे। उसने यह भी बताया कि वह अपने पति से तलाक लेने के बारे में सोच रही है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि वह तलाक ले ही ले।
नई ज़िंदगी की प्लानिंग: अब आगे क्या?
“हम साथ रहेंगे – शादी हो या न हो”
सास ने आगे की प्लानिंग पर बात करते हुए कहा कि वह अब उस शख्स के साथ रहना चाहती हैं जिससे उन्हें सच्चा प्यार हुआ है। शादी होगी या नहीं, यह तो वक्त बताएगा – लेकिन साथ रहने का इरादा मज़बूत है।
दूल्हे की हालत खराब – शादी के सपने चकनाचूर
जिस घर में बारात लेकर जाना था, वहीं मात मिली”
जिस लड़के की शादी तय हुई थी, उसके लिए यह एक बुरा सपना बन गया। उसके अपने होने वाले ससुराल से ऐसा धोखा मिलेगा, ये शायद उसने कभी सोचा भी नहीं होगा।
समाज के लिए सोचने वाली बात: रिश्तों की परिभाषा बदलती जा रही है?
नैतिकता बनाम व्यक्तिगत आज़ादी
यह मामला न सिर्फ व्यक्तिगत है, बल्कि यह समाज को एक बड़ा सवाल भी देता है – क्या अब रिश्तों की परिभाषा बदल रही है? क्या नैतिकता और भावना के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है?
दामाद का कहना है कि सब कुछ सास पर निर्भर करता है, वो चाहेंगी तो मैं उनसे शादी करने को तैयार हूं. जैसा वो कहेंगी वैसा होगा. शर्त बस ये है कि सब चीज में उनकी मर्जी होनी चाहिए. मैं तो उनके साथ ही रहना चाहता हूं. उम्र से कोई फर्क नहीं पड़ता. मेरी कोई नियत नहीं डोली है. इनके घर वाले इन्हें टॉर्चर देते थे. मैंने तो बस हमदर्द बनकर इनकी मदद करने की कोशिश है. बात शादी की है तो मैं इन्हें अपनी बीवी बनाने के लिए तैयार हूं।