పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

Chennai- स्टालिन के बयान पर सख्त टिप्पणी, मद्रास हाईकोर्ट ने बताया हेट स्पीच जैसा

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: January 21, 2026 • 1:26 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

चेन्नई । तमिलनाडु के युवा कल्याण और खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन (Udaynidhi Stalin) के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर चल रही राजनीतिक और कानूनी बहस के बीच मद्रास हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने बुधवार को कहा कि मंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला है और यह हेट स्पीच की श्रेणी में आती है

‘भाषा जनसंहार की ओर इशारा करती है’

कोर्ट ने कहा कि इस तरह के शब्दों का अर्थ जनसंहार की ओर संकेत करता है, जिसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया पोस्ट पर सुनवाई के दौरान आई टिप्पणी

यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें एक सोशल मीडिया पोस्ट (Social Media) के जरिए उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म संबंधी बयान पर सवाल उठाए गए थे। याचिका में कहा गया था कि मंत्री की टिप्पणी सनातन धर्म को मानने वालों के खिलाफ ‘जनसंहार’ का आह्वान करती है।

उदयनिधि स्टालिन का बचाव

हालांकि उदयनिधि स्टालिन ने अपने बचाव में कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उनका आशय किसी समुदाय या धर्म के अनुयायियों को आहत या नुकसान पहुंचाने का नहीं था।

हाईकोर्ट की सख्त व्याख्या

मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यह कहा जाए कि सनातन धर्म का पालन करने वाले लोगों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए, तो इसके लिए सही शब्द ‘जनसंहार’ है।

‘रिलिजिसाइड’ की श्रेणी में आएगा बयान

कोर्ट ने कहा कि अगर सनातन धर्म को एक धर्म माना जाए, तो इस तरह की भाषा ‘रिलिजिसाइड’ (धर्म के विनाश) की श्रेणी में आएगी।

उन्मूलन के कई रूपों की ओर इशारा

अदालत ने आगे कहा कि ऐसी भाषा लोगों के उन्मूलन की ओर संकेत करती है, चाहे वह किसी भी रूप में हो, जिसमें इकोसाइड, फैक्टोसाइड और कल्चरसाइड जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं।

‘सनातन ओझिप्पु’ शब्द की व्याख्या

कोर्ट ने तमिल भाषा में प्रयुक्त शब्द ‘सनातन ओझिप्पु’ की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका सीधा अर्थ सांस्कृतिक उन्मूलन या संस्कृति के नाश से जुड़ा है।

सोशल मीडिया पोस्ट को हेट स्पीच नहीं माना

इसी आधार पर अदालत ने माना कि मंत्री के बयान पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट को हेट स्पीच नहीं कहा जा सकता।

अन्य पढ़े: Rajasthan- सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईवे किनारे शराब दुकानें बंद नहीं होंगी

राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बयानबाजी

कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दल आमने-सामने आ गए हैं।

Read More :

# Relijiside News #Breaking News in Hindi #Hate Speech News #Hindi News #Latest news #Madras Highcourt News #Social media news #Udaynidhi Stalin News

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.