कैसे हुआ हादसा
- पुल की स्थिति पहले से जर्जर बताई जा रही थी।
- अचानक पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया।
- उसी समय पुल से गुजर रही दो बाइकें सीधे नदी में जा गिरीं।
बिहार : बिहार के सीमांचल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच कटिहार जिले (Katihar District) के बरसोई प्रखंड में पुल ध्वस्त होने का मामला सामने आया है. शिवानंदपुर पंचायत के तारापुर घाट पर महानंदा और कुलिक नदी के संगम पर बना चचरी पुल (chachri pul) अचानक ध्वस्त हो गया. पुल टूटने के समय उस पर गुजर रही दो बाइक तेज बहाव में नदी में गिर गईं, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
कटिहार जिले घटना के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पानी में गिरे लोगों और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला.गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. यह पुल महानंदा नदी और कुलिक नदी के संगम पर बना हुआ था।
अन्य पढ़े: Child Marriage: बाल विवाह की बेड़ियों से आजादी
पश्चिम बंगाल को बिहार से जोड़ता है यह पुल
स्थानीय लोगों के अनुसार चचरी पुल आबादपुर थाना क्षेत्र के करीब पांच पंचायतों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग था. यह पुल एक ओर बिहार के तारापुर गांव को जोड़ता था तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के गोराहार गांव को. सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों के लिए यही पुल रोजमर्रा के आवागमन का मुख्य मार्ग था।
पुल के ध्वस्त होने से अब इन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है. खासतौर पर ग्रामीण, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पश्चिम बंगाल के बाजारों पर निर्भर रहते हैं. उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने वाले लोगों के लिए भी यह घटना बड़ी समस्या बनकर सामने आई है।
कैसे टूटा पुल?
लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं और इसी वजह से चचरी पुल कमजोर होकर टूट गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह अस्थायी पुल हर साल बारिश के दौरान खतरे में रहता है, लेकिन इसके स्थान पर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अन्य पढ़े: