‘वोटर लिस्ट में घुसपैठिए थे तो PM मोदी ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया?’
कोलकाता/चेन्नई: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने दक्षिण दिनाजपुर की रैली में भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का यह दावा सही है कि वोटर लिस्ट(Voter List) में ‘घुसपैठियों’ के नाम शामिल हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी उन्हीं वोटों के जरिए सत्ता में आए हैं। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय इस तरह के मुद्दे सिर्फ ध्रुवीकरण के लिए उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के तबादले और सुरक्षा पर सवाल
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे अधिकारियों के तबादलों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ये तबादले एक सोची-समझी रणनीति के तहत किए गए हैं ताकि ‘बाहरी लोगों’ का बंगाल में प्रवेश आसान बनाया जा सके। मालदा की हालिया हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने AIMIM और ISF को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि कांग्रेस व भाजपा मिलकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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देशव्यापी चुनावी सरगर्मी और रोड शो
एक तरफ जहाँ बंगाल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दक्षिण भारत और असम में भी चुनावी पारा चढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी चेन्नई और पुडुचेरी में रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि गृह मंत्री अमित शाह असम में तीन रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन और सुवेंदु अधिकारी जैसे दिग्गजों के नामांकन के साथ ही लड़ाई अब और भी दिलचस्प हो गई है।
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी से इस्तीफे की मांग क्यों की?
ममता बनर्जी ने तर्क दिया कि अगर भाजपा वोटर लिस्ट में घुसपैठियों की मौजूदगी का दावा करती है, तो इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री भी उन्हीं के वोटों से जीतकर आए हैं। इसी आधार पर उन्होंने पीएम के इस्तीफे की मांग की।
मालदा हिंसा के लिए मुख्यमंत्री ने किन्हें जिम्मेदार ठहराया है?
मुख्यमंत्री ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के लिए AIMIM और ISF को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने भी इस घटना को उकसाने का काम किया है।
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