WB- ममता बनर्जी ने सीजेआई से कहा-लोकतंत्र और संविधान की रक्षा जरूरी

By Anuj Kumar | Updated: January 18, 2026 • 3:24 PM

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने न्यायपालिका के शीर्ष नेतृत्व से देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायिक शुचिता को अक्षुण्ण बनाए रखने का भावुक आग्रह किया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए भवन के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को संबोधित करते हुए देश की वर्तमान परिस्थितियों पर अपनी चिंताएं साझा कीं।

केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर चिंता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत (Justice Suryakant) से अपील की कि वे देश के आम नागरिकों को विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर गलत तरीके से निशाना बनाए जाने से संरक्षण प्रदान करें। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ही लोकतंत्र का अंतिम स्तंभ है और संविधान की रक्षा उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

संविधान के संरक्षक हैं प्रधान न्यायाधीश

ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने प्रधान न्यायाधीश को संविधान का वास्तविक संरक्षक बताते हुए कहा कि देश की जनता न्यायपालिका के कानूनी संरक्षण में स्वयं को सुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान, इतिहास, भूगोल और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

भेदभाव के खिलाफ एकता का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जाति या धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी नागरिकों को एकजुट होकर देश की प्रगति के लिए सोचना और कार्य करना चाहिए।

मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मीडिया ट्रायल के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अदालती मामलों के अंतिम निर्णय से पहले चलने वाले मीडिया ट्रायल न्याय की प्रक्रिया और व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश से इस पर सख्त रोक लगाने की अपील की।

कनिष्ठ वकीलों की समस्याओं की ओर ध्यान

मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका के भविष्य यानी युवा वकीलों की कठिनाइयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कनिष्ठ वकीलों को आज संघर्ष करना पड़ रहा है और उन्हें उनके हक के अवसर और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट पर राज्य सरकार का खर्च

केंद्र और राज्य के संबंधों का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक अदालतों के लिए धनराशि रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए हैं। राज्य सरकार अब तक न्यायिक बुनियादी ढांचे पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है।

महिलाओं और विशेष मामलों के लिए अदालतें

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 52 अदालतें महिलाओं के लिए, 7 पॉक्सो अदालतें, 4 श्रम अदालतें और 19 मानवाधिकार अदालतें सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।

जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए भवन की सराहना

जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए परिसर की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए 40.08 एकड़ भूमि आवंटित की और निर्माण पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

Read Also : UP- अलीगढ़ स्टेशन पर अफरातफरी, बम की खबर से राजधानी एक्सप्रेस की जांच

गरिमामयी समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

Read More :

# Agencies News # Breaking News in hindi # Kolkatta news #Fast Track News #Hindi News #Justice Suryakant News #Mamta Banerjee News #Media Trail News #west Bengal news