తెలుగు | Epaper

Maoists news: सरकारी डेडलाइन पर माओवादियों की रिवर्स रणनीति | ऑपरेशन कगार

Sai Kiran
Sai Kiran
Maoists news: सरकारी डेडलाइन पर माओवादियों की रिवर्स रणनीति | ऑपरेशन कगार

Maoists news : देश में माओवादियों के उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय की गई 31 मार्च की समय-सीमा नज़दीक आते ही जंगलों में तनावपूर्ण हालात बन गए हैं। सुरक्षा बलों की तेज़ कार्रवाई के बीच माओवादी नेतृत्व अपनी मौजूदगी बचाने के लिए नई रणनीति अपना रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, माओवादी समय-सीमा के बाद भी अपनी उपस्थिति साबित करने के उद्देश्य से ‘रिवर्स स्ट्रैटेजी’ पर काम कर रहे हैं।

सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कगार’ के कारण जंगलों में माओवादियों की गतिविधियाँ सीमित हो गई हैं। ऐसे में माओवादी नेतृत्व ने अपने दस्तों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऐसे इलाकों में जाने का निर्देश दिया है, जहाँ पुलिस की मौजूदगी कम हो। जरूरत पड़ने पर मैदानी इलाकों में भी भरोसेमंद लोगों की मदद से छिपने की सलाह दी गई है।

Read also : DGCA notice : DGCA ने Air India पायलटों को भेजा शो-कॉज नोटिस, सुरक्षा उल्लंघन पर सख्ती

तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में बचे हुए (Maoists news) छोटे माओवादी दल सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। बताया जा रहा है कि तेलंगाना से जुड़े 17 माओवादियों में से आठ अहम पदों पर हैं। तिप्पिरी तिरुपति, बडे चोक्काराव और मुप्पिडी सांबैया जैसे नेता इन दस्तों का नेतृत्व कर रहे हैं।

कमज़ोर संचार व्यवस्था के कारण माओवादी अब बड़े समूहों में नहीं, बल्कि बहुत कम सदस्यों के साथ आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के लोंगों के आत्मसमर्पण के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन निचले स्तर के कैडर में बदलाव देखा जा रहा है।

तेलंगाना पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण करने वालों को प्रोत्साहन दिए जाने के बाद कुछ माओवादी संगठन छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। हाल ही में रायपुर में हुई डीजीपी बैठक में भी इस स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई थी। कुल मिलाकर, 31 मार्च की समय-सीमा को लेकर सरकार और माओवादियों के बीच रणनीतिक संघर्ष और तेज़ होता जा रहा है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870