इलाहाबाद हाईकोर्ट में 18 वादों पर बहस शुरू
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े 18 वादों पर बहस शुरू हो गई है। अदालत में दोनों पक्षों के तर्क सुने जाएंगे और अगले सुनवाई की तिथि तय की जाएगी।
मुस्लिम पक्ष पर लगे आरोप
मुस्लिम पक्ष पर आरोप है कि उन्होंने भूमि के मालिकाना हक को लेकर दायर किए गए वादों में अवैध दावा पेश किया और विवाद को बढ़ावा दिया। अदालत इस संबंध में सभी दस्तावेजों और तर्कों की जांच कर रही है।
मथुरा : मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद (Idgah Mosque) से जुड़े बहुचर्चित विवाद में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है. यह सुनवाई दोपहर 2 बजे जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच करेगी. हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल 18 वादों पर एक साथ सुनवाई की जानी है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को अपने-अपने जवाब और काउंटर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था. कुछ याचिकाओं में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी जवाब दाखिल करने के आदेश दिए गए थे. सूत्रों के मुताबिक, एएसआई आज अपना जवाब कोर्ट में प्रस्तुत कर सकता है।
क्या है हिंदू पक्ष की मुख्य मांग?
हिंदू पक्ष की याचिकाओं में प्रमुख मांग यह है कि वर्ष 1968 में हुए समझौते के तहत शाही ईदगाह मस्जिद को दी गई जमीन मंदिर ट्रस्ट को वापस सौंपी जाए. याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से कथित अतिक्रमण हटाया जाए और पूरे परिसर का नियंत्रण मंदिर पक्ष को दिया जाए।
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वाद बिंदु तय करने की मांग
हिंदू पक्ष की ओर से मुख्य याचिकाकर्ता एडवोकेट महेंद्र प्रताप ने कहा है कि प्रतिनिधि वाद से संबंधित सुनवाई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसके चलते इस मामले में वाद बिंदु तय नहीं हो पा रहे हैं. उनका कहना है कि हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि वह इस केस में वाद बिंदु तय करे, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
हिंदू पक्ष का आरोप है कि ईदगाह पक्ष की ओर से तकनीकी आपत्तियों के जरिए सुनवाई को लंबित रखने की कोशिश की जा रही है. आज की सुनवाई में ज्वॉइंट एप्लीकेशन भी कोर्ट के सामने रखी जाएगी।
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