Shivaji Jayanti : नागपुर शहर शिव जयंती समारोह की तैयारियों में डूबा हुआ है। गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर शहरभर में केसरिया झंडे, रोशनी से सजे चित्र और ढोल-ताशा की गूंज से उत्सवी माहौल बना हुआ है। महाल, सक्करदरा और बेसा पिपला जैसे इलाकों में युवा मंडल और सामाजिक संगठन प्रमुख चौकों को सजाने में दिन-रात जुटे हैं। बुधवार शाम को लाइटिंग और साउंड सिस्टम की अंतिम तैयारियाँ पूरी की गईं, जबकि ढोल-ताशा अभ्यास और शिव गर्जना प्रस्तुतियाँ देर रात तक जारी रहीं।
महाल क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ एक विशाल रक्तदान शिविर भी आयोजित किया जा रहा है। शिवाजी महाराज की 394वीं जयंती के प्रतीक के रूप में 394 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन समिति के अनुसार यह अभियान 19 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। उत्सव को समाज सेवा से जोड़ना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
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शहर के विभिन्न चौकों पर सुबह की आरती, पुष्पांजलि और (Shivaji Jayanti) शोभायात्राओं की तैयारियाँ भी चल रही हैं। ढोल-ताशा पथक कई दिनों से अभ्यास कर रहे हैं और हर शाम उनकी ताल पूरे मोहल्लों में गूंजती है। स्कूल और कॉलेज के छात्र शिवाजी महाराज के स्वराज्य के विचार, शौर्य और नेतृत्व को दर्शाने वाली झांकियाँ तैयार कर रहे हैं। जुलूसों और भीड़ को देखते हुए प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस तैनात की जाएगी। केसरिया दुपट्टे, बैज और झंडे बेचने वाले फेरीवालों ने भी उत्सव का रंग और गहरा कर दिया है। इस वर्ष नागपुर में शिव जयंती उत्सव ऐतिहासिक श्रद्धा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।
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