नई दिल्ली। 14वें दलाई लामा कभी भी विवादित जेफ्री एडवर्ड एपस्टीन (Geoffrey Edward Epstein) से नहीं मिले हैं। दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार को हाल की मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट को झूठा और बेबुनियाद बताया है, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी। बयान में कहा गया कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के मनगढ़ंत संबंध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
दलाई लामा के कार्यालय ने दावों को किया खारिज
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दलाई लामा (Dalai Lama) के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में साफ किया गया है कि दलाई लामा कभी जेफ्री एपस्टीन से नहीं मिले और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति को अपनी ओर से एपस्टीन से मिलने या बातचीत करने के लिए कहा।

आध्यात्मिक संस्था को बदनाम करने की कोशिश निंदनीय
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (CM Pema Khandu) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दलाई लामा जैसी पूजनीय आध्यात्मिक संस्था को निराधार बयानों और दुर्भावनापूर्ण अटकलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी उन खबरों के जवाब में की, जिनमें दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम एपस्टीन की फाइलों में सामने आया है। खांडू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि गलत सूचना के जरिए आध्यात्मिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश निंदनीय है।
एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनिक होने से उठा विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी कई फाइलें सार्वजनिक की हैं। दस्तावेजों के अनुसार, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू की थी।
जेल में आत्महत्या कर चुका है एपस्टीन
अभियोग लगने के एक महीने बाद अगस्त 2019 में एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी। जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि वह एपस्टीन मामले में दो दशक से अधिक समय तक की गई जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री को सार्वजनिक करेगा।
30 लाख से ज्यादा दस्तावेज और हजारों वीडियो सार्वजनिक
एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से ज्यादा वीडियो और करीब 1.8 लाख तस्वीरें जारी की जा रही हैं। यह कानून लंबे समय तक चले सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया।
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घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में ठहराया गया था दोषी
इन फाइलों में एपस्टीन की विश्वासपात्र और एक समय की प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं। न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने वर्ष 2021 में मैक्सवेल को यौन तस्करी के मामले में दोषी ठहराया था। उस पर नाबालिग लड़कियों की भर्ती में मदद करने का आरोप साबित हुआ था।
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