NASA swift observatory: नासा का नील गेहरल्स स्विफ्ट ऑब्ज़र्वेटरी, जो पिछले दो दशकों से अंतरिक्ष में होने वाले गामा-रे विस्फोटों का अध्ययन कर रहा है, अब खतरे में है। इसकी कक्षा लगातार घट रही है और यह धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर नीचे आ रहा है। स्थिति को देखते हुए नासा ने इसे बचाने के लिए आपात कदम उठाए हैं।
2004 में लॉन्च किया गया यह अंतरिक्ष वेधशाला सोलर साइकल 25 के प्रभाव से प्रभावित हुई है। पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल के गर्म होने से घर्षण बढ़ा, जिसके कारण इसकी कक्षा लगभग 600 किमी से घटकर 400 किमी से नीचे आ गई है। जोखिम को कम करने के लिए 11 फरवरी से इसके वैज्ञानिक संचालन आंशिक रूप से रोक दिए गए हैं।
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समाधान के रूप में नासा ने अमेरिकी निजी कंपनी कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज़ के साथ लगभग 30 मिलियन डॉलर का समझौता किया है। ‘लिंक’ नामक रोबोटिक (NASA swift observatory) अंतरिक्ष यान को भेजकर वेधशाला को पकड़कर फिर से सुरक्षित कक्षा में पहुँचाने की योजना है। हालांकि इसका बर्स्ट अलर्ट टेलीस्कोप (BAT) काम करता रहेगा।
यदि यह मिशन सफल होता है, तो किसी निजी कंपनी द्वारा कक्षा गिरते उपग्रह को बचाने का यह पहला उदाहरण होगा और स्विफ्ट को लगभग एक दशक का अतिरिक्त जीवन मिल सकता है। असफल होने पर यह 2026 के अंत तक पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर जलकर नष्ट हो सकता है।
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