नई दिल्ली,। देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 आज संसद में पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण देंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जिससे वे देश की सबसे लंबे समय तक बजट पेश करने वाली वित्त मंत्रियों में शामिल हो गई हैं।
बजट सत्र से पहले कृतव्य भवन पहुंचीं वित्त मंत्री
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Pankaj Choudhary) रविवार को कृतव्य भवन पहुंचे। यहां पारंपरिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बजट दस्तावेजों को संसद ले जाया गया। बजट सत्र को लेकर संसद परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आय-व्यय का पूरा खाका रखेंगी वित्त मंत्री
बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण सरकार की अनुमानित आय, व्यय और राजकोषीय रणनीति का विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखेंगी। इसके साथ ही वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के तहत दो महत्वपूर्ण दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे—
- मध्यकालीन वित्तीय नीति-सह-राजकोषीय नीति रणनीति विवरण
- मैक्रो-इकोनॉमिक फ्रेमवर्क विवरण
वित्त विधेयक 2026 भी होगा पेश
सूची के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा से वित्त विधेयक 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगी। यह विधेयक बजट में घोषित कर, टैक्स और अन्य वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देने के लिए जरूरी होता है।
54.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है बजट आकार
Sunidhi Securities & Finance Limited की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट का अनुमानित आकार 54.1 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल व्यय (Total Expenditure) का जीडीपी में हिस्सा सरकार की राजकोषीय नीति का अहम संकेतक माना जाता है।
जीडीपी के अनुपात में खर्च घटने का अनुमान
FY23 से FY25 के दौरान जहां कुल सरकारी व्यय औसतन जीडीपी का 14.8 प्रतिशत रहा, वहीं FY26 के बजट अनुमान में इसके घटकर 14.2 प्रतिशत यानी करीब 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है।
अन्य पढ़े: ट्रम्प अकाउंट: अमेरिका में पैदा होने वाले हर बच्चे को मिलेंगे ₹92 हजार
बजट से पहले पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश करना एक स्थापित परंपरा है। इसे देश की अर्थव्यवस्था का वार्षिक ‘रिपोर्ट कार्ड’ माना जाता है, जो बीते वर्ष के प्रदर्शन का विश्लेषण करता है और भविष्य की नीतियों की दिशा तय करता है।
Read More :