पटना। बिहार समेत पूरे देश में ईद का त्योहार पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया, लेकिन पटना के गांधी मैदान की तस्वीर इस बार कुछ अलग नजर आई। बारिश (Rain) के बीच हजारों लोगों ने नमाज अदा की और करीब 20 हजार नमाजियों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह रूहानी बना दिया। बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा एक खास गैरमौजूदगी को लेकर रही।
20 साल की परंपरा टूटी, पहली बार नहीं पहुंचे नीतीश कुमार
करीब दो दशकों में यह पहला मौका रहा जब मुख्यमंत्री (Nitish Kumar) गांधी मैदान में ईद की नमाज में शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह हर साल इस मौके पर यहां पहुंचते रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चाओं को जन्म दे दिया।
गैरमौजूदगी पर सवाल, कारण साफ नहीं
इस बार उनकी अनुपस्थिति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। यही वजह है कि इस बार की ईद सियासी मायनों में भी खास बन गई है।
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निशांत कुमार पहुंचे मैदान, सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
मुख्यमंत्री की जगह उनके बेटे (Nishant Kumar) ईद की नमाज में शामिल हुए। वह गांधी मैदान पहुंचे तो उनकी सुरक्षा में मुख्यमंत्री स्तर की व्यवस्था देखने को मिली। इस दौरान उनके साथ Ashok Choudhary समेत जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
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