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Latest News : सिकरियां में पुल नहीं, वोट नहीं

Surekha Bhosle
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Latest News : सिकरियां में पुल नहीं, वोट नहीं

सासाराम के ग्रामीणों ने काव नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर जताया विरोध

बिहार के सासाराम जिले के सिकरियां (Sikriyan) गांव में ग्रामीणों ने काव नदी पर पुल नहीं बनने से नाराज़ होकर वोट बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण का वादा किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। आवागमन में भारी परेशानी झेल रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक पुल का काम शुरू नहीं होता, वे चुनाव में मतदान नहीं करेंगे

सासाराम के काराकाट विधानसभा क्षेत्र के सिकरियां गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने (Bihar) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान बहिष्कार की घोषणा की है। यह ऐलान काव नदी पर दशकों से पुल नहीं बनने के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ के बैनर-पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया, जिसमें महिलाएं, पुरुष और स्कूली बच्चे भी शामिल थे।

बिक्रमगंज नगर परिषद के वार्ड 26 से होकर गुजरने वाली काव नदी पर पुल न होने के कारण सिकरियां गांव दशकों से उपेक्षित है। ग्रामीणों को गांव तक पहुंचने के लिए बांस के बने चचरी पुल और कच्ची सड़क का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आजादी के बाद से अब तक काव नदी पर पुल और गांव के लिए सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।

‘चुनाव के समय नेता वादे करते हैं, फिर वापस नहीं आते’

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद क्षेत्र में वापस नहीं आते। वे हर साल अपने खर्च पर बांस का चचरी पुल बनाते हैं, जिसमें हजारों रुपए खर्च होते हैं। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलती। बच्चों और बुजुर्गों को इस पुल से गुजरते समय नदी में गिरने का डर रहता है, और बरसात में काव नदी में बाढ़ आने पर समस्याएं बढ़ जाती हैं।

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अपनी मांग पर अड़े रहे ग्रामीण

मतदान बहिष्कार की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन का एक दल ग्रामीणों को समझाने पहुंचा। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने बताया कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक जिले के आला अधिकारी पुल और सड़क निर्माण का ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक वे मतदान का बहिष्कार जारी रखेंगे।

सासाराम का पुराना नाम क्या था?

माना जाता है कि सासाराम शब्द सहस्रबाहू और पारसुराम से लिया गया था।

सासाराम बिहार में क्यों प्रसिद्ध है?

इसे सुनेंसासाराम (Sasaram), जिसे सहसराम (Sahasram) भी कहा जाता है, भारत के बिहार राज्य के रोहतास ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। सूर वंश के संस्थापक अफ़ग़ान शासक शेरशाह सूरी का मक़बरा सासाराम में है और देश का प्रसिद्ध ‘ग्रांड ट्रंक रोड’ भी इसी शहर से होकर गुज़रता है।

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