नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Narvane) की अप्रकाशित पुस्तक (मेमोयर) को लेकर जारी विवाद के चलते विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही बाधित कर दी।
विपक्ष ने वेल में जाकर नारेबाजी की
सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा था।
स्पीकर की अपील बेअसर, प्रश्नकाल स्थगित
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने बार-बार विपक्षी सदस्यों से सीटों पर लौटने और सदन को चलने देने की अपील की। स्थिति नियंत्रण से बाहर देख स्पीकर ने प्रश्नकाल दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू
12 बजे लोकसभा की कार्यवाही स्पीकर की अनुपस्थिति में पैनल सदस्य कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी (Krishna Prasad Teneti) द्वारा संचालित हुई। उन्होंने बताया कि कई सांसदों ने स्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए थे, लेकिन किसी को अनुमति नहीं मिली।
सदन का माहौल फिर भी शांत नहीं
कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विपक्ष नरवणे की किताब पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार का रुख था कि अप्रकाशित और असत्यापित सामग्री के आधार पर चर्चा नहीं की जा सकती।
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राजनीतिक टकराव और बजट सत्र पर असर
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब का संदर्भ प्रस्तुत करने को लेकर सोमवार से राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्ष इसे सत्य दबाने का प्रयास बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय नियमों से जुड़ा मामला बता रहा है। हंगामे के चलते बजट सत्र की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।
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