Powerful Rail Engine को पीएम मोदी ने किया रवाना भारत को मिला दूसरा सबसे ताकतवर रेल इंजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत के दूसरे सबसे powerful rail engine को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस आधुनिक इंजन को Make in India पहल के तहत विकसित किया गया है और यह भारतीय रेलवे की तकनीकी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है।
क्या है इस powerful rail engine की खासियत?
यह नया powerful rail engine भारतीय रेलवे के लिए तकनीकी क्रांति से कम नहीं है। इसमें निम्नलिखित खासियतें शामिल हैं:
- 12,000 हॉर्सपावर की क्षमता, जो भारत में किसी भी मालगाड़ी को खींचने के लिए उपयुक्त है
- पूरी तरह से इलेक्ट्रिक इंजन, जो पर्यावरण के अनुकूल है
- अधिकतम गति: 120 किमी/घंटा, जो मालवाहन में तेजी लाएगी
- डुअल ड्राइवर केबिन और सुरक्षा के लिए डिजिटल नियंत्रण प्रणाली
- भारतीय रेलवे के ई-लॉकोमोटिव प्रोजेक्ट का हिस्सा
कहां से शुरू हुई इसकी सेवा?
इस शक्तिशाली रेल इंजन की सेवा की शुरुआत बिहार के मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री से हुई। इसे सबसे पहले पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में तैनात किया गया है।
Make in India पहल में अहम योगदान
इस इंजन को फ्रांस की कंपनी Alstom और भारत सरकार के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पूरी तरह भारत में बना है और Make in India की सफलता का उदाहरण है।
भारतीय रेलवे के लिए भविष्य की दिशा
इस तरह के शक्तिशाली रेल इंजन से भारतीय रेलवे का ढांचा और मजबूत होगा। यह भारी मालवाहन को तेज़ी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में सक्षम होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और व्यापार में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाया गया यह शक्तिशाली रेल इंजन न केवल तकनीकी उपलब्धि है,
बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
यह भारत को विश्वस्तर पर रेलवे तकनीक में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद करेगा।