नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने (Shaheed Diwas) के अवसर पर देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी Bhagat Singh, Shivaram Rajguru और (Sukhdev Thapar) को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
अदम्य साहस और बलिदान का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में क्रांतिकारियों के अदम्य साहस को रेखांकित करते हुए लिखा कि बेहद अल्पायु में ही उन्होंने असाधारण वीरता और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया था। औपनिवेशिक शासन की दमनकारी शक्तियों से तनिक भी विचलित हुए बिना, इन नायकों ने दृढ़ संकल्प के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने प्राणों से भी ऊपर रखा।

वीडियो संदेश में भावुक अपील
इस गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि आज इतने दशकों बाद भी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान की गाथा देश के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है। यह गाथा हमें देश के लिए दिन-रात मेहनत करने की ऊर्जा देती है।
गीता के श्लोक का किया उल्लेख
Shrimad Bhagavad Gita के श्लोक “नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के लिए मर-मिटने वाले अमर हो जाते हैं; उन्हें शस्त्र काट नहीं सकते और अग्नि जला नहीं सकती। वे प्रेरणा के पुष्प बनकर पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी सुगंध बिखेरते रहते हैं।
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23 मार्च को मनाया जाता है शहीद दिवस
उल्लेखनीय है कि भारत में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1931 में अंग्रेजी हुकूमत ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी। पूरा देश आज इन नायकों के योगदान को याद कर रहा है और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प ले रहा है।
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