West Bengal Assembly Seat : पारिवारिक रिश्तों में सियासी टकराव

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पश्चिम बंगाल
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ननद-भाभी का चुनावी मुकाबला

पश्चिम बंगाल की एक चर्चित विधानसभा सीट इस बार पारिवारिक रिश्तों और राजनीति के दिलचस्प संगम की वजह से सुर्खियों में है। यहां चुनावी मैदान में ननद और भाभी आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला और भी ज्यादा रोचक और भावनात्मक बन गया है।

इस सीट पर खड़ी दोनों महिला उम्मीदवार एक ही परिवार से ताल्लुक रखती हैं। एक तरफ सत्ताधारी दल का समर्थन दूसरी तरफ विपक्ष का मजबूत दावा यह मुकाबला सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि परिवार के भीतर विचारधारा की लड़ाई भी बन चुका है।

पश्चिम बंगाल में (West Bengal) भी विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है. राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी अभियान में लगे हुए हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कल मंगलवार को 13 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया. इस लिस्ट में एक नाम ऐसा भी है जिसके सामने आते ही ननद और भाभी के बीच मुकाबला सेट हो गया. ऐसा ही हाईप्रोफाइल पवार परिवार की ननद-भाभी (सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार) का कड़ा मुकाबला महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दौरान दिखा था।

बीजेपी ने अपनी चौथी लिस्ट

पश्चिम बंगाल बीजेपी ने अपनी चौथी लिस्ट में सोमा ठाकुर, (Soma Thakur) संतोष पाठक, पूर्व IPS अधिकारी देबाशीष धर और पत्रकार मानव गुहा जैसे उम्मीदवारों का टिकट दिया है. सोमा ठाकुर यूं तो राजनीतिक मैदान में उतरने वाली नया चेहरा हैं, लेकिन उनका नाता एक दमदार राजनीतिक परिवार से जरूर है. वह केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी हैं, और पार्टी ने उन्हें उत्तरी 24 परगना जिले के बागदा सीट (Bagda Seat) से मैदान में उतारा है।

पहली बार चुनाव लड़ने जा रहीं सोमा

बागदा सीट से सोमा ठाकुर के नाम के ऐलान के साथ ही यहां पर ठाकुर परिवार की ननद-भाभी के बीच मुकाबला तय हो गया. सोमा राजनीति में सक्रिय नहीं रही हैं, लेकिन अपने पति शांतनु की वजह से कई सालों से राजनीति के गलियारों के इर्द-गिर्द बनी हुई हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने अपने पति के समर्थन में चुनाव प्रचार में किया था. तब शांतनु को जीत मिली थी।

युवा चेहरा सोमा अब पहली बार सीधे चुनाव मैदान में उतर रही हैं. उनके सामने मुख्य प्रतिद्वंद्वी उनकी ननद और निवर्तमान विधायक मधुपरना ठाकुर हैं. मधुपरना का परिवार भी रसूखदार है और उनकी मां ममता बाला ठाकुर टीएमसी से ही राज्यसभा सांसद हैं. पिता कपिल कृष्ण ठाकुर भी लोकसभा सांसद रहे हैं।

2021 में जीती BJP, उपचुनाव में गंवाई

तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं मधुपरना ठाकुर शांतनु ठाकुर की चचेरी बहन हैं. अब चुनावी समर में उनका सोमा से मुकाबला होने जा रहा है. मधुपरना के सामने अपनी बागदा सीट बचाने की चुनौती भी है. बागदा सीट पर साल 2021 के चुनाव में बीजेपी के बिश्वजीत दास ने जीत हासिल की थी. उन्होंने चुनाव में परितोष कुमार साहा को कड़े मुकाबले में हराया था.

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बाद में बिश्वजीत बीजेपी छोड़कर टीएमसी चले गए और 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर किस्मत आजमाई, लेकिन उन्हें हार मिली. बिश्वजीत के विधायकी से इस्तीफा देने की वजह से इसी साल यहां पर उपचुनाव कराना पड़ा. तृणमूल कांग्रेस ने उपचुनाव में युवा नेता मधुपरना ठाकुर को मैदान में उतारा तो बीजेपी ने बिनय कुमार बिस्वास को खड़ा किया. बीजेपी को उपचुनाव में शिकस्त मिली और मधुपरना विधायक चुनी गईं. तब मधुपरना पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास की सबसे कम उम्र की विधायक चुनी गई थीं।

मतुआ बिरादरी की भूमिका अहम

बागदा क्षेत्र को मतुआ गढ़ माना जाता है, ऐसे में इस बिरादरी का वोट काफी अहम हो जाता है और वह निर्णायक भूमिका में भी रहता है. खासतौर से ठाकुरबाड़ी मतुआ समुदाय के वोटों पर असर डालने में अहम भूमिका निभाती है. अब एक ही परिवार के मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

चुनावी मुकाबला सेट होने के बाद मधुपरना ठाकुर का दावा है कि अब उनके लिए लड़ाई आसान हो गई है. बागदा की जनता ने जिस तरह मधुपरना को अपनाया है, जनता भी वैसा ही जवाब देगी. वहीं सोमा ठाकुर ने कहा, “मैंने साल 2019 में अपने पति के साथ यहां चुनाव प्रचार किया था. इसलिए यह लड़ाई मेरे लिए स्वाभाविक है।”

सोमा ठाकुर के नाम पर BJP में नाराजगी

हालांकि कहा जा रहा है कि सोमा ठाकुर के नाम को लेकर पार्टी में स्थानीय स्तर पर नाराजगी है और कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमने स्थानीय उम्मीदवार उतारने की मांग बार-बार की थी, लेकिन हमारी बात सुनी नहीं गई।

सोमा ठाकुर के अलावा BJP ने जलपाईगुड़ी जिले की मैनागुड़ी सीट पर अपना उम्मीदवार बदल दिया. यहां से विधायक कौशिक रॉय की जगह अब दलीम रॉय चुनाव लड़ने जा रहे हैं. पार्टी ने कूचबिहार जिले की नटाबाड़ी सीट से विधायक मिहिर गोस्वामी का टिकट काट दिया है. इस सीट से पिछले दिनों BJP में शामिल हुए गिरिजा शंकर रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है. कांग्रेस के पूर्व पार्षद संतोष पाठक जो कुछ दिन पहले BJP में शामिल हुए थे, उन्हें कोलकाता की चौरंगी सीट से उतारा गया है।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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