कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए पहुंचे निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार सुबह विरोध का सामना करना पड़ा। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Manoj Kumar Agarwal) के साथ मुख्यमंत्री (Mamata Banerjee) के गृह क्षेत्र कालीघाट स्थित प्रसिद्ध Kalighat Kali Temple में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।
मंदिर के बाहर प्रदर्शनकारियों का विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त के मंदिर पहुंचने से पहले ही वहां प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह जमा हो गया था। जैसे ही वह दर्शन कर मंदिर से बाहर निकले, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और “गो बैक” के नारे लगाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि मतदाता सूची में कथित धांधली की जा रही है। उनका आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर जानबूझकर कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जोरदार नारेबाजी की।
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बिना टिप्पणी किए रवाना हुए मुख्य चुनाव आयुक्त
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (Gyanesh Kumar) ने संयम बनाए रखा और किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वह शांतिपूर्वक वहां से रवाना हो गए। दरअसल, चुनाव आयोग की टीम आज से राज्य प्रशासन और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठकों का दौर शुरू करने वाली है। ऐसे में बैठकों से ठीक पहले कालीघाट जैसे संवेदनशील इलाके में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग किस तरह का समाधान निकालता है।
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