Puri Rath Yatra Stampede: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, कलेक्टर-SP को हटाया, 2 अधिकारी निलंबित

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मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख मुआवजा

ओडिशा के पुरी में रविवार सुबह जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra) के दौरान भगदड़ में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि, दर्जनों लोग घायल हो गए। राज्य सरकार ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अफसरों पर सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (Chief Minister Mohan Charan Majhi) ने घटना को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए पुरी के जिला कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। वरिष्ठ अधिकारी पिनाक मिश्रा, जो वर्तमान में एडीजी (क्राइम) हैं, पुरी के एसपी के रूप में फिर से शामिल होंगे, जबकि खुर्दा कलेक्टर चंचल राणा नए जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभालेंगे। साथ ही 2 अफसरों के निलंबित के आदेश दिए हैं। आपको बता दें, ओडिशा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब घटना की जांच चल रही है।

जांच जारी रहते हुए 2 अधिकारी निलंबित

राज्य सरकार ने पुरी के पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल और जिला मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ शंकर स्वैन का तबादला कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी पिनाक मिश्रा, जो वर्तमान में एडीजी (क्राइम) हैं, पुरी के एसपी के रूप में फिर से शामिल होंगे, जबकि खुर्दा कलेक्टर चंचल राणा नए जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभालेंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार माझी ने दो पुलिस अधिकारियों, डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को निलंबित करने की भी घोषणा की।

पुरी रथ यात्रा भगदड़: क्या हुआ?

ओडिशा के पुरी में 29 जून 2025 को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक भगदड़ मच गई। गुंडिचा मंदिर के पास हुई इस घटना में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 50 अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रथों के पास भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में ट्रकों के घुसने और अत्यधिक भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद, ओडिशा सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए माफी मांगी और दो शीर्ष अधिकारियों व कुछ पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिकारी के जांच के आदेश

मुख्यमंत्री माझी ने विकास आयुक्त के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की है, जो हादसे के हर पहलू की विस्तृत जांच करेगी। जांच टीम पता करेगी कि क्या सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी थे? भीड़ नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए गए? मौके पर पुलिस बल की संख्या पर्याप्त थी या नहीं? रिपोर्ट मिलने के बाद अधिक दोषियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

सख्ती के साथ जवाबदेही

पुरी रथ यात्रा जैसी धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत में ऐसी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सरकार के तेज़ और सख्त एक्शन से साफ है कि अब लापरवाही और शिथिलता को छूट नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे के आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

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