HP : धर्मशाला में नहीं थम रही बारिश, 5 मजदूरों के शव मिले 3 की तलाश जारी

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धर्मशाला। हिमाचल के कांगड़ा जिले के मनूणी खड्ड में आए फ्लैश फ्लड में हाईड्रो प्रोजेक्ट(Hydra Project) के आठ मजदूर बह गए थे। 25 जून को हुए हादसे को लेकर दो दिन से चल रहे एनडीआरएफ (NDRF)और एसडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन (Search Operation) में अब तक पांच मजदूरों की लाशें बरामद कर ली गई हैं। अब भी तीन लोगों की तलाश जारी है। गुरुवार को खड्ड से तीन और शव बरामद किए गए। इससे पहले, बुधवार को दो शव मिले थे। अब शवों की पहचान भी हो गई है। अब शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ है।

फिलहाल बारिश से राहत की उम्मीद नहीं

चिंता की बात ये है कि यहां मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है और फिलहाल बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पूरा दिन बीच-बीच में बारिश खलल डालती रही। उधर, 4 शवों की पहचान कर दी गई है। इनमें चैन सिंह (20) पुत्र मुल्क राज निवासी गांव कुमाड़ी भल्ला डोडा, जम्मू-कश्मीर और आदित्य ठाकुर पुत्र शिव कुमार निवासी गांव राख चंबा हिमाचल शामिल है। एक मजदूर के शव की अभी पहचान नहीं हो पाई।

27-28 जून को फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है

एएसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि इस घटना में चंदन पुत्र प्रदीप निवासी सोहनपुर, उत्तर प्रदेश और प्रदीप वर्मा पुत्र रामकांत वर्मा, निवासी सोहनपुर देवरिया, उत्तर प्रदेश का शव भी बरामद कर लिया गया है। चंबा निवासी लवली को जंगल रे रेस्क्यू कर बचा लिया गया है। खनियारा में आई बाढ़ को लेकर एडीएम शिल्पी वेक्टा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और बाकी लापता लोगों की तलाश में टीमें मौके पर डटी हुई हैं। उन्होंने बताया, 27-28 जून को फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसे देखते हुए उन्होंने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को नदी नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।

राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए

वहीं इस हादसे में जान बचाकर मौके से भागे युवक लवली ने बताया कि वो रात भर जंगल में रहे और बेहद ही डरे और सहमे हुए थे मगर स्थानीय प्रशासन ने उनके पास पहुंचकर उन्हें नया जीवन दिया है, उन्होंने घटना का आंखों देखा हाल भी बयान किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में मानसून के दौरान मौसम की विपरीत परिस्थितियों के दृष्टिगत सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और आमजन के लिए चौबीस घंटे उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने गुरुवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में मौसम की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों से आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।

नदी नालों के पास ना जाएं लोग

सीएम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी-नालों के निकट रह रहे लोगों विशेषकर प्रवासी मज़दूरों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर पुनर्वास करने को कहा। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बारिश के मौसम में नदी-नालों के समीप नहीं जाने को लेकर एडवायज़री जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना सरकार को शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष मॉनसून के कराण जल विद्युत परियोजनाओं को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। इनकी सुरक्षा के लिए एक समग्र रणनीति बनाई जाए, जिससे इन परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि 25 जून को हिमाचल प्रदेश में तीन स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ की नौ और भू-स्खलन की तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पांच लोगों की मृत्यु होने और एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि की गई है।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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