नई दिल्ली,। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसदों ने संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra modi) तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से इस्तीफे की मांग की गई। आरजेडी सांसदों का कहना है कि मौजूदा सरकारें सामाजिक न्याय के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं और वंचित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी कर रही हैं।
आरक्षण नीति में बदलाव की मांग
प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने केंद्र सरकार से आरक्षण नीति में तत्काल बदलाव की अपील की। आरजेडी सांसदों ने मांग की कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए कुल 65 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। उनका कहना है कि सामाजिक संरचना और आबादी के अनुपात को देखते हुए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था अपर्याप्त है।
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नौवीं अनुसूची में शामिल करने पर जोर
आरजेडी नेताओं ने यह भी मांग की कि प्रस्तावित 65 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि इसे कानूनी चुनौतियों से सुरक्षित रखा जा सके। सांसदों का कहना है कि इससे सामाजिक न्याय की भावना को मजबूती मिलेगी और वंचित वर्गों को स्थायी अधिकार प्राप्त होंगे।
सरकार पर सामाजिक न्याय की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें केवल राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रही हैं, जबकि गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को हाशिये पर धकेल दिया गया है। उनका कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा में अवसरों की कमी ने इन वर्गों की स्थिति और खराब कर दी है।
संसद में बढ़ा सियासी तनाव
आरजेडी सांसदों के इस प्रदर्शन से संसद परिसर में सियासी माहौल और गरमा गया है। आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर पहले से जारी बहस के बीच इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है और आरजेडी ने संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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