उत्तर प्रदेश: मऊ (Mau) जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में गाजीपुर (Ghazipur) तिराहे पर 29 अगस्त 2025 को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार मिट्टी से लदे एक डंपर ने बाइक सवार रवि राजभर (35) को रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य बाइक सवार, रामाश्रय राजभर, हरदसपुर के निवासी, गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों भाई दो गैस सिलेंडर लेकर जा रहे थे, तभी डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद रवि डंपर के पहिए के नीचे आ गए।
अवैध खनन का कारोबार बन रहा सड़क हादसा का कारण !
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि मऊ में अवैध खनन का कारोबार बेलगाम हो चुका है, और इससे सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया, उनका कहना है कि प्रशासन अवैध खनन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रहा है।
मिट्टी से लदे डंपर बिना किसी रोक-टोक के शहर के मुख्य चौराहों पर तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं, जो आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं। गाजीपुर तिराहे जैसे व्यस्त इलाके में, जहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है, वहां भी अवैध खनन से जुड़े वाहनों की आवाजाही पर कोई नियंत्रण नहीं है।
घायल हुआ वाराणसी रेफर
घायल रामाश्रय राजभर को तत्काल मऊ के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में तैनात डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि रामाश्रय की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने आम लोगों की जान जोखिम में डाली
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने आम लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। मऊ में अवैध खनन का यह कोई पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गाजीपुर तिराहे पर हुई यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाती है।
CAG रिपोर्ट और अवैध खनन का सच:
नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की एक हालिया रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में अवैध खनन की गंभीर स्थिति पर प्रकाश डाला गया है। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में खनन गतिविधियों पर निगरानी और नियंत्रण की कमी के कारण अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है। कई जिलों में खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना लाइसेंस और अनुमति के बड़े पैमाने पर खनन कर रहे हैं।
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