Shani Vakri: इन 3 राशियों पर होगी शनि की वक्री नजर, पड़ेगा ये असर

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शनि
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कर्म प्रधान ग्रह कहा जाता है शनि को

सावन का महीना (The month of Sawan) शुरू हो गया है, जो 9 अगस्त तक चलेगा। सावन में 13 जुलाई को शनि (Saturn) वक्री हो रहे हैं। सावन में शनि का वक्री होना कई मायनों में खास है। आपको बता दें कि शनि साल में एक या दो बार ही वक्री होते है। शनि को कर्म प्रधान ग्रह कहा गया है। ऐसे में इनका विपरीत चाल चलना और खासकर मीन राशि में होकर आपको समर्पण, अपने अंदर झांकने और कर्मों को देकने का मौका देता है। हालांकि कई राशियों की लाइफ में आर्थिक तौर पर दिक्कतें, रिलेशनशिप में परेशानियां और हेल्थ और प्रोफेशनल लाइफ में असंतुष्टि जैसे मौके आते हैं। दरअसल शनि के वक्री होने से कई राशियों के लिए लाभ के योग बन रहे हैं, तो कईराशियों को सावधान रहना चाहिए।

12वें घर में वक्री हो रहे हैं शनि

मेष राशि वालों के लिए शनि 12वें घर में वक्री हो रहे हैं। इससे आपके लिए कुछ परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए आपको जरूरत से ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। इस समय आप ध्यान और मेडिटेशन और मंत्र जाप से अपने आपको सही रख सकते हैं। मेष राशि वालों के खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं।

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वक्री होने पर करियर में निराशा

मिथुन राशि वालों को शनि के वक्री होने पर करियर में निराशा मिलेगा। आप पर बिना पहचान के पर्फोर्म करने का दवाब रहेगा। आपकी सफलता कम नहीं होगी, लेकिन आपको आंकना होगा कि कैसे आप मिच्योरिटी से काम कर सकते हैं।मिथुन राशि के 10वें घर में शनि वक्री हो रहे हैं।काम में शार्टकट ना इस्तेमाल करें। अपने आपको अपग्रेड करें। शनि आपको लंबे समय के लक्ष्यों और करियर को खास तौर पर प्रभावित करेंगे।।

रिश्तों में झेलना पड़ सकता है तनाव

सिंह राशि वालों के 8वें घर में शनि वक्री हो रहे हैं। सिंह राशि वालों को करीब के रिश्तों में तनाव झेलना पड़ सकता है। आपको आर्थिक तौर पर खास ध्यान देना होगा। पैसों को सोच-समझकर खर्च करें।

शनि पृथ्वी से कितना बड़ा है?

शनि ग्रह पृथ्वी से लगभग 9.5 गुना बड़ा है।

  • व्यास (Diameter) – शनि का व्यास करीब 1,20,536 किमी है, जबकि पृथ्वी का 12,742 किमी।
  • आयतन (Volume) – शनि में लगभग 760 पृथ्वी समा सकती हैं।
  • द्रव्यमान (Mass) – शनि का द्रव्यमान पृथ्वी से 95 गुना ज्यादा है।

शनि का दुश्मन कौन है?

खगोलशास्त्र में शनि का कोई “दुश्मन” नहीं होता, लेकिन ज्योतिष के अनुसार शनि के शत्रु ग्रह सूर्य, चंद्रमा और मंगल माने जाते हैं। बुध और शुक्र उसके मित्र हैं।

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लेखक परिचय

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