Delhi- ट्रैफिक नियमों पर सख्ती, पांच उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान

By Anuj Kumar | Updated: January 23, 2026 • 11:54 AM

नई दिल्ली,। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में एक अहम संशोधन किया है। अब यदि कोई चालक एक साल के भीतर 5 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों (Traffic Rule) का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या रद्द किया जा सकेगा। मंत्रालय की बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार यह नया नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।

किसे होगा लाइसेंस निलंबित या रद्द करने का अधिकार

अधिसूचना के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन अधिकारी के पास होगा। हालांकि, लाइसेंस रद्द करने से पहले संबंधित अधिकारी द्वारा लाइसेंस धारक का पक्ष सुनना अनिवार्य होगा।

हर साल नई गिनती, पुराने उल्लंघन नहीं जुड़ेंगे

नए नियमों के तहत ट्रैफिक उल्लंघनों की गिनती हर साल नए सिरे से की जाएगी। पिछले साल किए गए उल्लंघनों को अगले साल की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

अब छोटे नियम तोड़ने पर भी जा सकता है लाइसेंस

मंत्रालय के अनुसार अब तक केवल 24 गंभीर मामलों—जैसे वाहन चोरी, अपहरण, तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग—में ही लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था। लेकिन नए संशोधन के बाद हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना और रेड लाइट (Red Light) जंप करना जैसे नियमों को पांच बार तोड़ने पर भी लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

चालान प्रक्रिया भी की गई स्पष्ट

अधिसूचना में चालान की प्रक्रिया को भी साफ किया गया है। अब वर्दीधारी पुलिस अधिकारी या अधिकृत अधिकारी ही चालान जारी कर सकेंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी के जरिए ऑटो-जेनरेटेड ई-चालान भी भेजे जाएंगे।

45 दिन में चालान नहीं भरा तो मानी जाएगी गलती

रिपोर्ट के मुताबिक चालक को 45 दिनों के भीतर चालान भरना होगा या फिर उसे अदालत में चुनौती देनी होगी।यदि 45 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह माना जाएगा कि चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।

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नए कानून पर विशेषज्ञों में बंटी राय

इस नए कानून को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, जबकि कुछ इसे दमनकारी कदम बता रहे हैं। पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि सीसीटीवी आधारित चालान अक्सर विवादों में रहते हैं, इसलिए इसके लिए एक ठोस और पारदर्शी मानक प्रक्रिया जरूरी है।

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