श्रीनगर,। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मृत्यु के बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया है। शिया समुदाय द्वारा जताई जा रही भारी नाराजगी और शोक को देखते हुए प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं।
लाल चौक सील, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और घंटाघर (Clock Tower) के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं स्थगित
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए श्रीनगर में सभी स्कूल और कॉलेजों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है। कश्मीर विश्वविद्यालय ने भी अपनी आगामी परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस व अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं।
लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन
विरोध की यह लहर केवल कश्मीर तक सीमित नहीं है। लखनऊ (Lucknow) में भी शिया समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। मौलाना कल्बे जवाद की अपील पर रविवार को राजधानी के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं और समुदाय द्वारा तीन दिवसीय शोक मनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है।
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घाटी के अन्य जिलों में भी असर
कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों जैसे पुलवामा, कुलगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और गांदरबल में भी लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। पुलवामा के गंगू इलाके से लेकर मुख्य चौक तक लोगों ने विरोध मार्च निकाला और विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया। दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। खामेनेई की मौत के बाद उपजे इन हालातों ने पूरे क्षेत्र में एक अलग प्रकार का तनाव पैदा कर दिया है, जिसके चलते सार्वजनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
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