Rajasthan-Jhunjhunu : इटली के दूल्हे ने राजस्थान में की शादी

By Surekha Bhosle | Updated: February 9, 2026 • 4:18 PM

हर मंत्र का किया अंग्रेजी में अनुवाद, 13 देशों के मेहमानों ने खेली फूलों की होली

झुंझुनूं, 9 फरवरी (एजेंसियां)। झुंझुनूं के मंडावा स्थित एक हेरिटेज होटल में 8 फरवरी को इटली के नागरिक मार्को और मुंबई की जुई का विवाह वैदिक रीति से संपन्न हुआ। शादी में 9 ब्राह्मणों ने संस्कृत मंत्रों के साथ फेरे कराए, जिनका अंग्रेजी अनुवाद भी किया गया। इटली सहित 13 देशों से आए करीब 200 मेहमान इस विवाह के साक्षी बने, जहां भारतीय परंपरा और यूरोपीय सहभागिता एक साथ नजर आई। दोपहर करीब 3 बजे तक अग्नि के सात फेरे पूरे हुए, जबकि रात में विवाह की अंतिम रस्म के रूप में फूलों की होली खेली गई।
शादी के बाद पारंपरिक रिसेप्शन नहीं रखा गया।

झुंझुनूं, रात में ब्रज परंपरा के अनुसार फूलों की होली खेली गई। राधा कृष्ण (Radha Krishna) के जीवन से जुड़े नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसे विदेशी मेहमानों ने भी नजदीक से देखा और समझा। इसकी जगह रविवार रात को ब्रज परंपरा के अनुसार फूलों की होली की रस्म निभाई गई। इस दौरान गुलाल या रंगों की जगह अलग अलग प्रकार के ताजे फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली गई। राधा कृष्ण के जीवन और ब्रज संस्कृति से जुड़े नृत्य प्रस्तुत किए गए, और प्रेम का भाव दिखाया गया।

विदेशी मेहमानों को पहले इस परंपरा की जानकारी दी गई

सांस्कृतिक अर्थ को समझ सकें। इसके बाद सभी मेहमानों ने (Holi of flowers) फूलों की होली में भाग लिया और भारतीय परंपराओं को नजदीक से देखा और अनुभव किया। दुल्हन जुई मुंबई निवासी भावना और जतिन अंबानी की बेटी हैं और रोम में कंजर्वेशन आर्किटेक्ट (संरक्षण वास्तुकार) के रूप में आइसीसीआर-ओएम के साथ कार्यरत है। दूल्हे मार्को के पिता का नाम मास्सिमो व माता का नाम फुलविया है। दोनों की मुलाकात और संबंध कला और वास्तुकला से जुड़े काम के दौरान हुआ। इसी जुड़ाव के कारण विवाह के लिए राजस्थान के मंडावा को चुना गया।

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बहन ने निभाई धार्मिक रस्म

​अंबानी परिवार ने इस दौरान समाज को एक प्रगतिशील संदेश भी दिया। विवाह में ‘जव ताल होम अर्पण’ की रस्म आमतौर पर भाई द्वारा निभाई जाती है, लेकिन यहां दुल्हन की बहन ऊर्जा अंबानी ने इस जिम्मेदारी को निभाया। इस पहल के माध्यम से परिवार ने यह संदेश दिया कि बेटा और बेटी दोनों समान हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भी दोनों का अधिकार बराबर है। यह विवाह दर्शाता है कि हमारी सनातन संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी और वैश्विक हैं। जब विदेशी मेहमान अग्नि के फेरे लेते हैं।

तीन दिन तक चले विवाह संस्कार

इस हेरिटेज होटल में विवाह से जुड़ी रस्में लगातार तीन दिन तक चलीं। 6 फरवरी को सगाई और हल्दहाथ बान की रस्में संपन्न हुईं। इस दौरान परिवार के करीबी सदस्य और मेहमान मौजूद रहे। पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ दोनों परिवारों ने एक दूसरे से औपचारिक रूप से रिश्ता जोड़ा।

7 फरवरी को महिला संगीत की रस्म हुई। इस कार्यक्रम में परिवार की महिलाओं और मेहमानों ने पारंपरिक गीतों पर प्रस्तुति दी। भारतीय लोक संगीत और पारिवारिक गीतों के माध्यम से विवाह से पहले का माहौल बना। विदेशी मेहमानों ने भी इस रस्म को नजदीक से देखा और समझा।

होटल मालिक अरविंद पारीक और मधुसूदन खेमानी के अनुसार मेहमानों के लिए राजस्थानी और भारतीय भोजन के साथ यूरोपीय व्यंजन भी परोसे गए। करीब 200 मेहमानों के लिए इंडो इटैलियन फ्यूजन भोजन की व्यवस्था की गई थी।

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