తెలుగు | Epaper

National- न्याय व्यवस्था पर बोझ, देश में प्रति दस लाख जनसंख्या पर केवल 22 जज

Anuj Kumar
Anuj Kumar
National- न्याय व्यवस्था पर बोझ,  देश में प्रति दस लाख जनसंख्या पर केवल 22 जज

नई दिल्ली,। देश में जिला अदालतों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर महज 22 जज हैं, जबकि विधि आयोग और संविधान पीठ के फैसले के मुताबिक 2007 तक ही 50 जज होने चाहिए थे। इतना ही नहीं, बिहार, यूपी, झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जज और जनसंख्या का अनुपात राष्ट्रीय औसत 22 से भी कम है। यह स्थिति 2011 के जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से है, जबकि देश की मौजूदा जनसंख्या के हिसाब से यह औसत और भी कम बैठता है। इसका खुलासा केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय (Union Ministry of Law and Justice) के आंकड़ों के विश्लेषण से हुआ है

करीब 5 हजार जजों के पद खाली

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देशभर की जिला अदालतों के लिए जज की स्वीकृत संख्या 25,439 है, जिनमें से करीब 5 हजार पद रिक्त हैं। कानून मंत्रालय के अनुसार 2011 की जनगणना और मौजूदा स्वीकृत क्षमता के आधार पर जिला अदालतों में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर केवल 22 जज ही उपलब्ध हैं। 2011 में देश की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जबकि वर्तमान में यह 140 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जिससे जजों की कमी और अधिक गंभीर हो गई है।

विधि आयोग और सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशें ठंडी फाइलों में

विधि आयोग ने वर्ष 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी, ताकि अदालतों पर बढ़ते मुकदमों का बोझ कम हो और लोगों को त्वरित न्याय मिल सके। सुप्रीम कोर्ट ने भी 2002 में ऑल इंडिया जज एसोसिएशन बनाम भारत सरकार मामले में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सरकार 2007 तक प्रति 10 लाख आबादी पर 50 जज नियुक्त करे, लेकिन यह लक्ष्य आज तक पूरा नहीं हो सका।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत काफी पीछे

जनसंख्या और जजों के अनुपात के मामले में भारत चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों से काफी पीछे है। एक रिपोर्ट के अनुसार चीन में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर करीब 300 जज हैं, अमेरिका में 150 और यूरोपीय देशों में औसतन 220 जज उपलब्ध हैं।

अन्य पढ़े: बांग्लादेश चुनाव में खूनी संघर्ष

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में भी कमी

कानून मंत्रालय के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर जजों की संख्या मात्र 0.028 है, जबकि हाईकोर्ट में यह 0.92 है। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 है, जिनमें से फिलहाल 33 जज कार्यरत हैं। वहीं हाईकोर्ट में स्वीकृत 1122 पदों में से करीब 300 पद खाली हैं।

प्रमुख राज्यों में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर जजों की संख्या

  1. पश्चिम बंगाल – 12.05
  2. असम – 15.54
  3. उत्तर प्रदेश – 18.52
  4. बिहार – 19.45
  5. झारखंड – 21.43
  6. मध्य प्रदेश – 27.92
  7. गुजरात – 28.46
  8. उत्तराखंड – 29.55
  9. दिल्ली – 53.43
  10. मिजोरम – 67.44

Read More :

हवा में उड़ते विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश

हवा में उड़ते विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश

Delhi- 25 साल का इंतजार खत्म- देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें शुरू

Delhi- 25 साल का इंतजार खत्म- देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें शुरू

MP News- मध्य प्रदेश के बालाघाट में हादसा- कार पलटते ही लगी आग, तीन की दर्दनाक मौत

MP News- मध्य प्रदेश के बालाघाट में हादसा- कार पलटते ही लगी आग, तीन की दर्दनाक मौत

Man ki Baat- मन की बात में पीएम मोदी का बड़ा संदेश- सचेत रहें, गलत सूचनाओं से दूर रहें

Man ki Baat- मन की बात में पीएम मोदी का बड़ा संदेश- सचेत रहें, गलत सूचनाओं से दूर रहें

National- रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, उद्योग जगत में शोक

National- रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, उद्योग जगत में शोक

National -केरल में गरजे पीएम मोदी, बंगाल-असम में उम्मीदवारों पर मंथन कर रही कांग्रेस

National -केरल में गरजे पीएम मोदी, बंगाल-असम में उम्मीदवारों पर मंथन कर रही कांग्रेस

National- भारत की नई रणनीति, हाईटेक ड्रोन से सीमा पर कड़ी निगरानी

National- भारत की नई रणनीति, हाईटेक ड्रोन से सीमा पर कड़ी निगरानी

National- रसोई खर्च बढ़ा, गैस सिलेंडर महंगा होने से आम जनता बेहाल

National- रसोई खर्च बढ़ा, गैस सिलेंडर महंगा होने से आम जनता बेहाल

Bihar- बिहार में जमीन खरीदने का खर्च बढ़ेगा, अप्रैल से नए रेट लागू संभव

Bihar- बिहार में जमीन खरीदने का खर्च बढ़ेगा, अप्रैल से नए रेट लागू संभव

Bihar- राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला कदम आज इस्तीफा देंगे नितिन नवीन

Bihar- राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला कदम आज इस्तीफा देंगे नितिन नवीन

बिना तलाक लिव-इन में नहीं रह सकते शादीशुदा जोड़े

बिना तलाक लिव-इन में नहीं रह सकते शादीशुदा जोड़े

दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870