President Office : छह दिन के लिए दिल्ली से शिमला ‘शिफ्ट’ होगा राष्ट्रपति कार्यालय

Read Time:  1 min
शिमला
शिमला
FONT SIZE
GET APP

इसका एक कारण यह भी है कि राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास दिल्ली से बाहर सिर्फ शिमला और हैदराबाद में है। हिमाचल सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छह दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भवन की सारी जरूरी फाइलें यहां लाई जाएंगी और राष्ट्रपति सचिवालय छह दिन तक शिमला से संचालित होगा।

देश में केवल तीन राष्ट्रपति निवास

देश में केवल तीन राष्ट्रपति निवास हैं। उनमें सबसे पुराना राष्ट्रपति निवास (President’s Residence) शिमला के मशोबरा में है। पूर्व में इसे द रिट्रीट भी कहा जाता था। यह शिमला से 12 किलोमीटर दूर मशोबरा की शांत सुरम्य पहाड़ियों में स्थित है।

शिमलाः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल से दो मई तक शिमला (Shimla) प्रवास पर आ रही हैं, इसलिए इन छह दिनों के लिए एक तरह से राष्ट्रपति कार्यालय दिल्ली से शिमला शिफ्ट हो जाएगा। इसका एक कारण यह भी है कि राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास दिल्ली से बाहर सिर्फ शिमला और हैदराबाद में है। हिमाचल सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छह दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भवन की सारी जरूरी फाइलें यहां लाई जाएंगी और राष्ट्रपति सचिवालय छह दिन तक शिमला से संचालित होगा। 

लकड़ी और मिट्टी से बनी है इमारत

बता दें कि देश में केवल तीन राष्ट्रपति निवास हैं। उनमें सबसे पुराना राष्ट्रपति निवास शिमला के मशोबरा में है। पूर्व में इसे द रिट्रीट भी कहा जाता था। यह शिमला से 12 किलोमीटर दूर मशोबरा की शांत सुरम्य पहाडिय़ों में स्थित है। राष्ट्रपति निवास मशोबरा 175 साल से भी अधिक पुराना है। इसकी निर्माण शैली धज्जी निर्माण वाली है। यहां लकड़ी और मिट्टी की दीवारें हैं। इस निर्माण शैली की खासियत यह है कि इस शैली में बनी इमारतों पर भूकंप का भी कोई असर नहीं होता। यह धज्जी निर्माण शैली की इमारत गर्मियों में शीतल व सर्दी में गरमाहट से भरी रहती है। 

अन्य पढ़े: National- 23 साल पुराने केस में सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी को दी राहत

आकर्षण का केंद्र है इमारत

देश की राष्ट्रपति के मशोबरा स्थित आधिकारिक निवास में अनेक आकर्षण हैं। यहां सुंदर सेब का बागीचा है। इस बागीचे में तीन सौ से अधिक सेब के पौधे हैं। इन पौधों में विदेशी किस्में भी हैं। यहां शानदार ट्यूलिप गार्डन है। तीन साल पहले अप्रैल महीने में ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू में इस ट्यूलिप गार्डन का शुभारंभ किया था। यहां डेनमार्क, वेलेमार्क, जंबोपिक आदि किस्मों के ट्यूलिप के सुंदर फूल खिले हैं। यहां भीतरी कक्षों की मनमोहक सजावट देखते ही बनती है। राष्ट्रपति के लिए अलग से कक्ष हैं। पूरी इमारत के आसपास हरियाली का सुंदर साम्राज्य है। यहां से आसपास का 360 डिग्री नजारा दिखता है। 

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए फिलहाल राष्ट्रपति निवास मशोबरा को पर्यटकों के लिए बंद किया गया है। अब यह राष्ट्रपति का दौरा पूरा होने के बाद तीन मई से खुलेगा। यहां बता दें कि राष्ट्रपति निवास मशोबरा तीन साल पहले वर्तमान राष्ट्रपति के निर्देश पर आम जनता व पर्यटकों के लिए खोला गया है। सैलानी यहां टिकट लेकर सैर कर सकते हैं।

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।