आज, 31 जुलाई 2025 को दोपहर 2:38 बजे IST, मालेगांव बम धमाके मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने सभी सात आरोपियों, जिसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित शामिल हैं, को बरी कर दिया। यह फैसला 17 साल पुराने मामले में आया, जो 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाके से संबंधित है, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मालेगांव फैसले ने ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जो कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए गढ़ी थी। प्रसाद ने दावा किया कि यह फैसला साबित करता है कि आतंकवाद का कोई धर्म या रंग नहीं होता, और कांग्रेस को इस मुद्दे पर हिंदू समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा भावुक हो गईं, उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ही देश में आतंकवादी करार देकर उनकी जिंदगी बर्बाद की गई, लेकिन आज न्याय मिला। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदू आतंकवादी हो सकते हैं और पार्टी को इस टर्म के लिए माफी मांगने की जरूरत नहीं। यह बयान बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक जंग को और भड़का सकता है।
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