डेढ़ साल से बिस्तर पर था पति
पुलिस के अनुसार मृतक पति पिछले डेढ़ साल से पैरालिसिस की बीमारी से ग्रसित था। वह पूरी तरह से बिस्तर पर आश्रित था और उसकी देखभाल घर पर ही की जा रही थी।
बेटी का बड़ा खुलासा
मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब मृतक की बेटी ने बयान दिया कि उसने अपनी मां को पिता के लिए लाए गए पेय में कीटनाशक मिलाते हुए देखा था।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पत्नी ने लकवाग्रस्त पति को कीटनाशक (pesticides) पिलाकर मार डाला। पत्नी ने फूलों में छिड़काव के बहाने बेटे से कीटनाशक मंगवाया था। बेटे ने पुलिस को बताया कि मां किसी से फोन पर बात करती थी। पुलिस ने अफेयर की आशंका जताई है। मामला दर्री थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक अरुण सिंह (Arun Singh) (38) परिवार के साथ आशा नगर लाटा में रहता था। डेढ़ साल पहले उसे लकवा मार गया था। वह पूरी तरह पत्नी बंटी देवी (35) पर डिपेंड था। 27 जनवरी की शाम पत्नी ने पानी में कीटनाशक मिलाया और पति को पीला दिया।
इस दौरान बेटी ने मां को पानी में कीटनाशक मिलाते देख लिया था। अपने बड़े भाई (13 वर्ष) को इसकी जानकारी दी। बच्चों ने घर में रखी कीटनाशक की शीशी देखी, जो पूरी तरह खाली थी। जब अरुण की तबीयत बिगड़ने लगी तो पत्नी अस्पताल ले जाने में टालमटोल करती रही। रात भर अरुण की हालत गंभीर बनी रही।
28 जनवरी की तड़के अरुण को अस्पताल ले जाया गया। 30 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी ने कीटनाशक पिलाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
अब पढ़िए हत्या की पूरी कहानी
दरअसल, अरुण सिंह लकवाग्रस्त होने के साथ-साथ टीबी का भी मरीज था। पिछले डेढ़ सालों से पत्नी बंटी देवी देखभाल कर रही थी। परिवार वाले उसे आर्थिक रूप से मदद भी करते थे। 13 साल के बेटे के मुताबिक, मां मोबाइल पर किसी से बात करती थी।
27 जनवरी सुबह मां ने बेटे से फूलों में छिड़काव के लिए के लिए कीटनाशक मंगाया। बेटे ने कीटनाशक खरीदकर मां को दे दिया। शाम को उसने पहले बेटा-बेटी को कमरे से बाहर निकाल दिया। फिर कीटनाशक को पानी में मिलाकर पति को पीला दिया।
पिता को कीटनाशक पिलाते हुए बेटी ने खिड़की से देख लिया। उसने यह बात बड़े भाई को बताई। लेकिन मां ने बहाना बनाकर बात को टाल दिया। बाद में बेटे ने कीटनाशक की शीशी देखी, जो खाली थी। इस बीच रात करीब 1:30 बजे अरुण सिंह को उल्टियां होने लगी।
अस्पताल ले जाने के लिए टालमटोल करती रही
बच्चे पिता को अस्पताल ले जाने के लिए कहते रहे, लेकिन मां टालमटोल करती रही। रात भर पिता तड़पता रहा। 28 जनवरी की तड़के उसे जिला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन तक चले इलाज के बाद 30 जनवरी की सुबह पिता ने दम तोड़ दिया।
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सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकारा
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बच्चों की दी गई जानकारी के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने बंटी देवी को पति की हत्या के संदेह में हिरासत में लिया। पहले वह पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म स्वीकार किया।
आरोपी पत्नी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
इस मामले में पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी पत्नी के खिलाफ हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
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