Noida : ठगों के जाल में फंसा ट्रक ड्राइवर, लाखों रुपये का नुकसान

Read Time:  1 min
नोएडा
नोएडा
FONT SIZE
GET APP

नोएडा के दादरी में एक ट्रक ड्राइवर ऑनलाइन गेमिंग ऐप के झांसे में आकर 20 लाख रुपये गंवा बैठा. ठगों ने पहले छोटी जीत दिखाकर भरोसा जीता और फिर लगातार टारगेट देकर निवेश करवाते रहे. जब पीड़ित पैसे निकालने पहुंचा तो बहाने बनाए गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के नोएडा के दादरी इलाके से साइबर ठगी (Cyber ​​Fraud) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ट्रक ड्राइवर ऑनलाइन गेमिंग ऐप के झांसे में आकर करीब 20 लाख रुपये गंवा बैठा. ठगों ने पहले छोटी-छोटी जीत का लालच देकर उसका भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे बड़े निवेश के जाल में फंसाकर उससे भारी रकम ठग ली. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.

नोएडा पीड़ित वकील खान पेशे से ट्रक चालक है और उसे (Online Games) ऑनलाइन गेम खेलने का शौक था. इसी दौरान उसकी मुलाकात एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप से हुई, जिसने उसे कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया. शुरुआत में उसे छोटे-छोटे दांव लगाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उसे करीब 10 हजार रुपये तक का मुनाफा भी हुआ. यही वह बिंदु था, जहां से ठगों ने उसे अपने जाल में फंसाना शुरू किया.

2024 से शुरू हुआ ठगी का खेल

जनवरी 2024 से शुरू हुए इस खेल में वकील खान को लगातार ज्यादा कमाई का लालच दिया गया. शुरुआती मुनाफे से उसका भरोसा बढ़ता गया और वह बड़ी रकम निवेश करने लगा. ठगों ने उसे यकीन दिलाया कि अगर वह ज्यादा पैसे लगाएगा, तो उसे कई गुना रिटर्न मिलेगा. धीरे-धीरे उसने अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ उधार और लोन के पैसे भी इस ऐप में लगाना शुरू कर दिया.

जब पीड़ित ने अपनी कमाई निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया बहाना बना दिया. उसे बताया गया कि पहले एक तय टारगेट पूरा करना होगा, तभी पैसे निकाले जा सकेंगे. हर बार नया टारगेट दिया जाता रहा और वह उसे पूरा करने के लिए लगातार पैसे जमा करता गया. इस तरह 14 मार्च 2026 तक उसने कई किश्तों में करीब 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.

अन्य पढ़े: CPI : तेलंगाना बजट में प्राथमिकताएं अधूरी – सीपीआई

लगातार निवेश करने के बावजूद जब वह अपनी रकम वापस नहीं निकाल सका, तो उसे शक हुआ. इसके बाद उसने पूरे मामले को समझा और खुद को ठगी का शिकार पाया. पीड़ित ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

पुलिस के मुताबिक, मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है. ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है. साइबर क्राइम टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कहां से ऑपरेट हो रहा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं. साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय राणा ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध ऑनलाइन ऐप में निवेश करने से बचें और लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें.

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।