वाराणसी। इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए वाराणसी स्वास्थ्य विभाग (Varanashi Health Department) ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सख्त जांच की जा रही है और विदेश से लौटने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
एयरपोर्ट पर बढ़ी चौकसी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वाराणसी एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग (Thermal Screening) अनिवार्य कर दी गई है। इबोला प्रभावित देशों से आने वाले लोगों को 21 दिनों तक सेल्फ मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।संदिग्ध मरीज मिलने पर तुरंत आइसोलेशन और सैंपलिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध मामलों के सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे जा रहे हैं।
WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने हाल ही में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में फैले बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। सी के बाद भारत समेत कई देशों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
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होटल और मेडिकल कॉलेजों में भी प्रोटोकॉल लागू
वाराणसी में होटल, गेस्ट हाउस और मेडिकल कॉलेजों को भी इबोला प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, नियमित हाथ धोने और लक्षण दिखने पर घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
बेंगलुरु मामले के बाद बढ़ी चिंता
अधिकारियों के मुताबिक, युगांडा से बेंगलुरु पहुंची एक महिला के मामले के बाद पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी के मद्देनजर वाराणसी में भी अतिरिक्त निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
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