मुख्य बातें: –
- 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने किया री-इवैल्युएशन आवेदन
- 11.31 लाख कॉपियों की जांच को चुनौती
- 5 दिन से पोर्टल क्रैश, रात में फॉर्म भरने को मजबूर छात्र
नई दिल्ली। CBSE की 10वीं और 12वीं बोर्ड (CBSE 10th and 12th Board) परीक्षाओं के रिजल्ट के बाद इस बार देशभर में अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में छात्र बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि हर चौथे छात्र ने अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इसे देश के शिक्षा इतिहास में सबसे बड़े अविश्वास के तौर पर देखा जा रहा है।
OSM सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) अब विवादों में घिर गई है। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि कॉपियों की जांच में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। यही वजह है कि रिकॉर्ड संख्या में छात्र री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर रहे हैं।
4 लाख छात्रों ने मांगी कॉपियों की जांच
CBSE के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कुल 17.68 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। बोर्ड ने करीब 98.60 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया। रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही री-इवैल्युएशन पोर्टल खुला, शुरुआती तीन घंटे में ही 1.26 लाख से ज्यादा आवेदन पहुंच गए। अब तक 4 लाख से अधिक छात्र 11.31 लाख कॉपियों की जांच और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर चुके हैं।
पिछले साल के मुकाबले 238% ज्यादा आवेदन
साल 2025 में जहां 1.31 लाख छात्रों ने 2.82 लाख कॉपियों की री-चेकिंग कराई थी, वहीं इस बार आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है। 2026 में आवेदन संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 238% अधिक है।
5 दिन से क्रैश है CBSE पोर्टल
छात्रों की सबसे बड़ी परेशानी CBSE का पोर्टल बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से वेबसाइट (Website) लगातार क्रैश हो रही है। छात्रों को आवेदन करने के लिए बार-बार पेज रिफ्रेश करना पड़ रहा है। कई छात्रों का कहना है कि पोर्टल देर रात 2:30 बजे के बाद ही कुछ समय के लिए सही काम करता है। ऐसे में छात्र और अभिभावक रातभर जागकर आवेदन भरने को मजबूर हैं।
पैसे कटे, आवेदन नहीं हुआ सबमिट
छात्रों ने यह भी शिकायत की है कि आवेदन के दौरान खाते से पैसे कट गए लेकिन फॉर्म सबमिट नहीं हुआ। कई लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से लिंक ढूंढकर आवेदन करना पड़ रहा है क्योंकि मुख्य वेबसाइट पर सीधा लिंक नहीं दिया गया है।

छात्रों की तीन बड़ी मांगें
1. मार्क्स वेरिफिकेशन
छात्र कुल अंकों की दोबारा जांच और डेटा एंट्री में गलती की जांच चाहते हैं।
2. स्कैन कॉपी की मांग
सबसे ज्यादा आवेदन उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपी देखने के लिए आए हैं ताकि छात्र खुद जांच सकें कि कोई सवाल छूटा तो नहीं।
3. री-इवैल्युएशन
स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र चुनिंदा प्रश्नों के मूल्यांकन को चुनौती दे रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
मामले ने अब शिक्षा मंत्रालय का ध्यान भी खींच लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने सर्वर क्रैश, धुंधली आंसरशीट और मूल्यांकन में गड़बड़ियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और आईटी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
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क्या दोबारा हो सकती है 12वीं की परीक्षा?
फिलहाल CBSE की ओर से 12वीं की परीक्षा दोबारा कराने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि छात्रों के बढ़ते अविश्वास और रिकॉर्ड स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच इसको लेकर चर्चाएं जरूर तेज हो गई हैं।
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