नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार सर मार्क टली (Sir Mark Tully) का रविवार 25 जनवरी को 90 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि बीबीसी में उनके पूर्व सहयोगी रहे सतीश जैकब ने की है। मार्क टली उस दौर के माने हुए पत्रकार थे, जब भारत में टेलीविजन (Television) का प्रसार भी नहीं हुआ था।
दिल्ली में ली अंतिम सांस, पत्रकारिता जगत में शोक
भारत में बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ (Former BBC bureau chief) रहे वरिष्ठ पत्रकार सर मार्क टली ने नई दिल्ली में आखिरी सांस ली। बीबीसी से अलग होने के बाद वे स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर सक्रिय रहे और भारत से जुड़ी सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं पर लगातार लेखन करते रहे।
कलकत्ता में जन्म, दार्जिलिंग में हुई शुरुआती पढ़ाई
मार्क टली का जन्म कलकत्ता में हुआ था, जबकि उनकी स्कूलिंग दार्जिलिंग में हुई। उन्होंने ट्रिनिटी हॉल, कैम्ब्रिज से इतिहास और थियोलॉजी में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी।
सेना सेवा के बाद बीबीसी से जुड़े
प्रारंभ के दो वर्षों तक उन्होंने फर्स्ट रॉयल ड्रैगून में सेवा दी। इसके बाद एबेफील्ड सोसाइटी के रीजनल डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। साल 1964 में वे बीबीसी से जुड़े और करीब चार दशकों तक एक सफल पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
1972 से 1994 तक रहे बीबीसी के दिल्ली संवाददाता
मार्क टली वर्ष 1972 से 1994 तक बीबीसी के दिल्ली संवाददाता रहे। इस दौरान उन्होंने भारत की राजनीति, समाज और संस्कृति को दुनिया के सामने गहराई से प्रस्तुत किया।
कई चर्चित किताबों के लेखक
उनकी लिखी अनेक चर्चित किताबों में द लाइव्स ऑफ जीसस, नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडियाज अनएंडिंग जर्नी और लेटेस्ट नॉन-स्टॉप इंडिया प्रमुख हैं।
Read Also : Republic Day- कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर, तीनों सेनाओं की एकजुट ताकत दिखेगी
नाइटहुड और पद्म भूषण से सम्मानित
मार्क टली को वर्ष 2002 में नाइटहुड की उपाधि और 2005 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
Read More :