Colonel सोफिया पर टिप्पणी मामले में विजय शाह की अंतरिम राहत जारी, अब हाई कोर्ट में नहीं होगी सुनवाई

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सोफिया
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शाह पर कर्नल सोफिया के खिलाफ विवादित बयान देने का है आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को अंतरिम राहत जारी रखने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है और एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए समय दिया गया है. एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अदालत में पेश की है. अगली सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह में होगी. शाह पर कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित बयान देने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बारे में मीडिया को जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ टिप्पणी के लिए भाजपा मंत्री कुंवर विजय शाह की गिरफ्तारी पर रोक के अपने अंतरिम आदेश को बढ़ा दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने शाह की टिप्पणी पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही को भी बंद कर दिया, क्योंकि शीर्ष अदालत इस मामले पर विचार कर रही है। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि उच्च न्यायालय को यहां (उच्च न्यायालय) मामले के मद्देनजर कार्यवाही बंद करने दें। समानांतर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।

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हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही को किया जाना चाहिए बंद

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि यह मामला सर्वोच्च अदालत के संज्ञान में है. इस तथ्य के मद्देनजर हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही को बंद किया जाना चाहिए. कोई समानांतर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए. याद रहे कि शाह ने इस मसले पर हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनके विवादित बयान पर हाई कोर्ट ने काफी सख्त रुख अपनाया था. मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने डीआईजी पुलिस द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट का अवलोकन किया, जिसमें कहा गया था कि शीर्ष अदालत के आदेश के अनुपालन में तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित की गई थी और 21 मई को जांच शुरू हुई थी।

पीठ ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिक सामग्री एकत्र की गई है, गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और जांच प्रारंभिक चरण में है। डीआईजी पुलिस द्वारा स्थिति रिपोर्ट दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित की गई और 21 मई को जांच की गई और भी सामग्री एकत्र की गई।

कर्नल सोफिया के खिलाफ शाह की टिप्पणी के लिए लगाई थी उन्हें फटकार

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि भाषण की स्क्रिप्ट तैयार की गई और मोबाइल फोन जब्त किया गया। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रारंभिक चरण में है… जांच जारी रहने दें और फिर स्थिति रिपोर्ट दाखिल की जाए। अंतरिम आदेश जारी रहेगा। मामले की सुनवाई जुलाई में तय की। इससे पहले, सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की टिप्पणी के लिए उन्हें फटकार लगाई थी और मामले की जांच के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था।

इसने मध्य प्रदेश कैडर के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था, जो राज्य से संबंधित नहीं हैं और जिनमें से एक महिला अधिकारी होगी। पीठ ने मंत्री की टिप्पणी को ‘गंदी, भद्दी और शर्मनाक’ करार दिया था और उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन करार देते हुए खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति कांत ने कहा था, ‘देश आप (शाह) से शर्मिंदा है। आपको ही माफी मांगनी है। सर्वोच्च न्यायालय ने शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और उन्हें जांच में शामिल होने और सहयोग करने को कहा था।

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लेखक परिचय

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