Water Metro India : भारत के परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। शहरों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ‘वाटर मेट्रो’ (Water Metro) परियोजना का तेजी से विस्तार कर रही है। देश के 18 प्रमुख शहरों में इस आधुनिक सेवा को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में गुवाहाटी, श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है।
क्या है वाटर मेट्रो? और यह कैसे काम करती है?
जिन शहरों में नदियां, झीलें या बैकवाटर्स हैं, वहां जलमार्ग के जरिए चलने वाली आधुनिक परिवहन प्रणाली को वाटर मेट्रो कहा जाता है। यह दिखने में सामान्य मेट्रो ट्रेन की तरह ही अत्याधुनिक और वातानुकूलित (AC) होती है, लेकिन यह पटरियों के बजाय पानी पर चलती है। इस परियोजना में पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड नावों का उपयोग किया जाता है। सामान्य मेट्रो की तुलना में इसका निर्माण खर्च बेहद कम होता है। भारत की पहली वाटर मेट्रो सेवा 2023 में केरल के कोच्चि में शुरू हुई थी जो वर्तमान में बेहद सफल है।
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आम जनता के बजट में किराया
वाटर मेट्रो का किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर तय किया गया है। कोच्चि वाटर मेट्रो के मौजूदा (Water Metro India) किराए के आधार पर नए शहरों में भी सिंगल टिकट की कीमत ₹40 के भीतर रहने की उम्मीद है। नियमित यात्रा करने वालों के लिए साप्ताहिक पास ₹180 और मासिक पास ₹600 में उपलब्ध कराया जा सकता है। इन नावों में मुफ्त वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त लाइफ जैकेट जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जा रही हैं।
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