बंगाल चुनाव में मुस्लिम वोटों की भूमिका
West Bengal Politics : ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी को पिछले चुनावों में मुस्लिम वोटों का बड़ा समर्थन मिला था। राज्य में लगभग 30% मुस्लिम आबादी होने के कारण यह वर्ग चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। खासकर मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे क्षेत्रों में टीएमसी की मजबूत पकड़ रही है।
बीजेपी की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी इस बार दोहरी रणनीति पर काम कर रही है—मुस्लिम वोटों को विभाजित करना और हिंदू वोटों को एकजुट करना। उत्तर बंगाल में नमशूद्र और राजबंशी समुदायों को साधने के साथ-साथ CAA जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
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ओवैसी की एंट्री से बदला समीकरण
Asaduddin Owaisi और उनकी पार्टीऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की एंट्री से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। इससे मुस्लिम (West Bengal Politics) वोटों में बंटवारे की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा असर टीएमसी पर पड़ सकता है।
चुनावी नतीजों पर नजर
इस बार चुनाव में धर्म, जाति और क्षेत्रीय मुद्दे निर्णायक रहेंगे। अगर मुस्लिम वोट बंटते हैं, तो इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है। अब देखना होगा कि बंगाल के मतदाता किसे सत्ता सौंपते हैं।
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