Stay Healthy in AC :एसी में बैठते ही क्यों होता है सर्दी-खांसी या सिरदर्द?

Read Time:  1 min
FONT SIZE
GET APP

एसी अब जरूरत बन चुका है. एसी कई लोगों को एयर कंडीशनर में बैठने से सिर भारी, गला खराब और बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या हो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।

गर्मी आते ही करीब-करीब हर घर में AC ऑन हो जाता है. एसी की ठंडी हवा राहत देने का काम करती है, लेकिन कई बार ये परेशानी का कारण बन जाती है. इसकी वजह से सिरदर्द, गला बैठना, सर्दी-खांसी और त्वचा का सूखना जैसे लक्षण एयर कंडीशनर में बैठने के बाद अक्सर देखने को मिलते हैं।

कई लोग शिकायत करते हैं कि एसी में बैठने से सिर भारी, गला खराब हो जाता है या फिर बार-बार सर्दी-खांसी हो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान उपाय अपनाकर इन बीमारियों को आसानी से रोका जा सकता है…

AC क्यों बीमार करते हैं
एसी में तापमान बहुत कम होता है और लंबे समय तक ठंडी हवा में रहने से हमारे शरीर का तापमान गिर जाता है. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और नाक बंद, खांसी, स्किन ड्रायनेस और यहां तक कि सिरदर्द भी हो सकता है।

तापमान में अचानक बदलाव

जब शरीर बाहर की गर्मी से एकदम ठंडी जगह में आता है, तो शरीर को एडजस्ट करने में दिक्कत होती है।

ड्राई एयर से ड्राईनेस

एसी की हवा नमी सोख लेती है, जिससे नाक और गले में सूखापन होता है और इंफेक्शन की संभावना बढ़ती है।

वेंटिलेशन की कमी

एसी बंद कमरों में हवा की आवाजाही नहीं होती, जिससे बैक्टीरिया और वायरस पनप सकते हैं।

आसान उपाय जो एसी में भी नहीं होने देंगे बीमार

तापमान को रखें बैलेंस्ड

एसी का टेम्परेचर 24-26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। ज्यादा ठंड से परहेज करें।

नमी बनाए रखें

कमरे में ह्यूमिडिफायर रखें या एक पानी से भरा बाउल कमरे में रखें ताकि हवा में नमी बनी रहे।

गले और सिर को रखें ढका

एसी में बैठते समय हल्का स्कार्फ या टोपी पहनें, ताकि गला और सिर ठंडी हवा से बचे रहें।

समय-समय पर ताज़ी हवा लें

हर 1-2 घंटे में खिड़की खोलें या बाहर जाकर कुछ मिनट ताज़ी हवा में सांस लें।

हल्का गर्म पेय पिएं

गर्म पानी, ग्रीन टी या तुलसी-अदरक वाली चाय शरीर को अंदर से गर्म रखती है और इम्यून सिस्टम मजबूत बनाती है।

कब डॉक्टर से मिलें?

  • लगातार सर्दी या सिरदर्द बना रहे
  • गले में खराश या खांसी बढ़ जाए
  • सांस लेने में तकलीफ हो

Read more: health report: भारत में रोज 52 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

[email protected]

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।