नई दिल्ली। बेंगलुरु के पास बसवनतारा वन क्षेत्र में अवैध रॉक ब्लास्टिंग (Rock Blasting) का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक मादा तेंदुए और उसके गर्भ में पल रहे तीन शावकों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे (Forest Minister Ishwar Khandre) ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में खदानों में हुए विस्फोट को मौत का कारण माना जा रहा है।
गश्त के दौरान मिला तेंदुए का शव
यह मामला बेंगलुरु शहर (Bengaluru City) मंडल के अंतर्गत कग्गलीपुरा रेंज का है। वन विभाग के कर्मचारियों ने नियमित गश्त के दौरान सर्वे संख्या 51 में एक तेंदुए का शव बरामद किया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
मादा तेंदुए और तीन अजन्मे शावकों की मौत
वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 दिसंबर 2025 को मिले शव की जांच में सामने आया कि 3-4 वर्ष की मादा तेंदुए की मौत दो-तीन दिन पहले हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गर्भ में तीन शावक पाए गए, जिससे इस घटना की गंभीरता और बढ़ गई।
अवैध खनन और ब्लास्टिंग की आशंका
वन मंत्री के अनुसार, शुरुआती आकलन में यह आशंका जताई गई है कि पास की खदान में हुए बड़े पत्थरों के विस्फोट की वजह से तेंदुए की मौत हुई। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
वन मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
ईश्वर खंड्रे ने कहा कि मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए।
राजनीतिक आरोपों के बाद तेज हुई जांच
यशवंतपुर से विधायक एस टी सोमशेखर ने इस घटना को लेकर वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री ने कहा कि यह जांच की जाएगी कि क्या वन क्षेत्र के भीतर या आसपास अवैध खनन गतिविधियां चल रही थीं।
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दोषियों पर होगी नियमों के तहत कार्रवाई
वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की मौत के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ वन संरक्षण और पर्यावरण कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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