काठमांडू: नेपाल में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शनों से हालात बेकाबू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों(Protesters) ने संसद भवन को आग के हवाले कर दिया और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली(PM Oli Resigns), राष्ट्रपति और गृह मंत्री के निजी आवासों पर तोड़फोड़ और आगजनी की। इन हिंसक घटनाओं के बाद, प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा(PM Oli Resigns) दे दिया है। उन्हें सेना के हेलीकॉप्टर से एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। इन प्रदर्शनों में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
नेताओं पर हमला और उनके घरों में आगजनी
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सिर्फ सरकारी इमारतों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने प्रमुख राजनीतिक नेताओं को भी निशाना बनाया। पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा(Sher Bahadur Deuba) को उनके घर में घुसकर पीटा गया, और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इन घटनाओं के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जो जनता के आक्रोश की भयावहता को दर्शाते हैं। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के निजी आवासों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
राजनीतिक अस्थिरता और जनता का आक्रोश
इन हिंसक घटनाओं ने नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता को चरम पर पहुंचा दिया है। सरकार के प्रमुख नेताओं को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ लंबे समय से जारी असंतोष को व्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का इस्तीफा(PM Oli Resigns) इस बात का संकेत है कि सरकार इस व्यापक जनाक्रोश को संभालने में विफल रही है। आने वाले समय में नेपाल में राजनीतिक नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
नेपाल में पीएम के इस्तीफे का कारण: सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और जनाक्रोश?
इन हिंसक प्रदर्शनों का मुख्य कारण सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना था, जिसने जनता के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया। यह विरोध बाद में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन में बदल गया, जिसने सरकार पर भारी दबाव डाला और अंततः प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा(PM Oli Resigns) देना पड़ा
प्रदर्शनकारियों ने किन-किन प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया है?
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली(PM Oli Resigns), राष्ट्रपति और गृह मंत्री के निजी आवासों को निशाना बनाया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, वित्त मंत्री विष्णु पौडेल, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों पर हमला किया और उन्हें आग लगा दी।
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