Politics : जातिगत भेदभाव को लेकर की बीआरएस ने कांग्रेस की आलोचना

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सामाजिक कल्याण छात्रावासों में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे रही सरकार : बीआरएस

हैदराबाद। बीआरएस नेता और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आरएस प्रवीण कुमार ने सामाजिक कल्याण छात्रावासों में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने के आरोप में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आईएएस अधिकारी अलुगु वर्षिणी की इस कथित टिप्पणी के लिए आलोचना की कि गरीब परिवारों के छात्रों को छात्रावासों में शौचालय साफ करने और खाना पकाने का काम करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इससे “अच्छी आदतें विकसित होंगी।”

कोई नहीं दे सकता गैरजिम्मेदाराना बयान : बीआरएस

उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी मुख्यमंत्री के समर्थन के बिना इस तरह का अपमानजनक और गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी गरु, आपके अधिकारी खुलेआम कह रहे हैं कि दलित बच्चों को शौचालय साफ करना चाहिए क्योंकि वे अमीर परिवारों से नहीं आते हैं। अगर यह इतना बढ़िया सुधार है, तो इसे कॉरपोरेट स्कूलों में लागू करें जहाँ आपके बच्चे जाते हैं।

खुद धोने शुरू कर देने चाहिए अपने शौचालय

प्रवीण कुमार ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ऐसी हरकतें सम्मान और आत्मनिर्भरता के बारे में हैं, तो मुख्यमंत्री, मंत्री और सरकारी अधिकारियों को अपने शौचालय खुद धोने शुरू कर देने चाहिए। उन्होंने चुनौती दी कि तेलंगाना के लोगों के साथ उन वीडियो को साझा करें। उन्होंने हाउसकीपिंग कर्मचारियों से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों के आवासों का बहिष्कार कर अपना विरोध जताने की अपील की। ​​उन्होंने उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा से उत्पीड़ित समुदायों की गरिमा पर हमले के खिलाफ उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया।

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लेखक परिचय

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