कराची । पाकिस्तान प्रीमियर लीग (PSL) के मौजूदा सत्र में इस बार अफगानिस्तान (Afganistan) के खिलाड़ी नजर नहीं आएंगे। अफगान खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से पाक लीग में खेलने से इंकार करते हुए अपने नाम वापस ले लिए हैं। इस फैसले के पीछे नीलामी के दौरान हुए विरोध और दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को बड़ी वजह माना जा रहा है।
अफगान खिलाड़ियों ने वापस लिए नाम
पीएसएल टीमों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान, सेद्दीकुल्लाह अटल, मुहम्मद नबी, वकार सलामखेल और फजल हक फारूकी जैसे खिलाड़ियों ने लाहौर में हुई नीलामी के लिए पहले पंजीकरण कराया था। हालांकि, बाद में इन सभी खिलाड़ियों ने अपने नाम वापस ले लिए।
गुरबाज विवाद बना बड़ा कारण
बताया जा रहा है कि पेशावर जालमी द्वारा अफगानिस्तान के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को सीधे साइन किए जाने के बाद जिस तरह का विरोध देखने को मिला, उससे अफगान खिलाड़ियों में असहजता बढ़ गई। इसी विरोध को देखते हुए अन्य अफगान खिलाड़ियों ने भी पीएसएल से दूरी बना ली।
पीएसएल सीईओ का बयान
पीएसएल के मुख्य कार्यकारी सलमान नसीर (Salman Nashir) ने कहा कि कुछ अफगान खिलाड़ी पीएसएल में खेलना चाहते थे, लेकिन नीलामी के दौरान किसी फ्रैंचाइज़ी ने उन्हें नहीं खरीदा। उन्होंने कहा, “नीलामी में कुछ अफगान खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन वे नहीं बिके।”
दोनों देशों के रिश्तों का असर
सलमान नसीर ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खराब होते रिश्तों का असर नीलामी प्रक्रिया पर पड़ा। उनके अनुसार, गुरबाज को खरीदे जाने पर आई उग्र प्रतिक्रिया के कारण अन्य अफगान खिलाड़ियों ने भी नाम वापस लेने का फैसला किया।
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तनाव और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ा है। दोनों देशों के बीच हालिया घटनाओं के बाद अफगान खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की खुलकर आलोचना भी की थी। इसी पृष्ठभूमि में पीएसएल से अफगान खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी को देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, इस बार का पीएसएल अफगान खिलाड़ियों के बिना खेला जाएगा, जो लीग के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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