बंद एयरस्पेस ने बढ़ाई चिंता
स्पोर्ट्स डेस्क: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने अंतरराष्ट्रीय हवाई(Cricketers) यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) का एयरस्पेस बंद होने के कारण टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे(Zimbabwe) की टीमें अपने देश नहीं लौट पा रही हैं। सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि मिसाइल हमलों और सैन्य गतिविधियों के चलते इस रूट को बेहद खतरनाक माना जा रहा है।
होटलों में ठहराव और ICC की पहल
वर्तमान में वेस्टइंडीज की पूरी टीम कोलकाता(Kolkata) के एक होटल(Cricketers) में रुकी हुई है, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाड़ी दिल्ली के होटल में 4 मार्च तक रहेंगे। जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों को दुबई के रास्ते हरारे जाना था, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण उन्हें यात्रा टालनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ICC ने एक ‘ट्रैवल सपोर्ट डेस्क’ एक्टिव की है, जो दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के साथ मिलकर सुरक्षित वापसी के वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है।
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टूर्नामेंट का सफर और भविष्य की चुनौतियां
वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों ही टीमें सुपर-8 स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकीं और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं। जहाँ पाकिस्तान(Cricketers) की टीम श्रीलंका के रास्ते सुरक्षित लाहौर पहुँच चुकी है, वहीं इन दोनों टीमों के लिए दूरी और रूट का संकट बड़ी बाधा बना हुआ है। एयरलाइंस कंपनियां अब सुरक्षित लेकिन लंबे रूट चुन रही हैं, जिससे यात्रा का समय और लागत दोनों बढ़ने की संभावना है।
वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों को भारत में ही क्यों रुकना पड़ा?
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) का हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। इन टीमों की अधिकांश कनेक्टिंग फ्लाइट्स दुबई या कतर के रास्ते होती हैं। सुरक्षा जोखिमों और उड़ानों के रद्द होने के कारण खिलाड़ी फिलहाल कोलकाता और दिल्ली के होटलों में फंसे हुए हैं।
क्या अन्य टीमें भी इस संकट से प्रभावित हुई हैं?
पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें पहले ही स्वदेश लौट चुकी हैं क्योंकि उनके रूट इस युद्ध क्षेत्र से सीधे प्रभावित नहीं थे। मुख्य समस्या उन टीमों के साथ है जिन्हें खाड़ी देशों के ऊपर से होकर लंबी दूरी तय करनी है। ICC अब उनके लिए सुरक्षित एयर कॉरिडोर की व्यवस्था करने में जुटा है।
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